IPL 2026 को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच व्यापारियों के संगठन ने टूर्नामेंट के शेष मुकाबले बिना दर्शकों के कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में केंद्रीय खेल मंत्री को पत्र भेजा गया है।
खेल मंत्री को भेजा गया पत्र
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर कहा है कि बढ़ती महंगाई और ईंधन संकट को देखते हुए आईपीएल मैच सीमित स्थानों पर और बिना दर्शकों के कराए जाएं।
फ्यूल खर्च कम करने की दलील
संगठन का कहना है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने के बाद बड़े आयोजनों में ईंधन की खपत कम करना जरूरी हो गया है। स्टेडियम तक आने-जाने वाली हजारों गाड़ियों से रोज बड़ी मात्रा में ईंधन खर्च होता है, जिससे आम जनता पर अप्रत्यक्ष दबाव बढ़ता है।
दर्शकों की यात्रा पर उठे सवाल
पत्र में कहा गया है कि मैच देखने पहुंचने वाले दर्शकों के वाहनों से बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल खर्च होता है। अगर मुकाबले बंद स्टेडियम में कराए जाएं तो यह खर्च रोका जा सकता है। साथ ही ऑनलाइन प्रसारण से दर्शक घर बैठे मैच देख सकेंगे।
चार्टर फ्लाइट पर भी सवाल
संगठन ने यह भी कहा कि आईपीएल फ्रेंचाइजी टीमों की चार्टर उड़ानों में भारी ईंधन खर्च होता है। एक विमान एक घंटे में हजारों लीटर विमान ईंधन खर्च करता है। पूरे सत्र में एक टीम की यात्रा से बड़ी मात्रा में ईंधन उपयोग होने का अनुमान जताया गया है।
सीमित वेन्यू पर कराने का सुझाव
CTI ने सुझाव दिया है कि सभी मैच कुछ चुनिंदा स्टेडियमों में कराए जाएं ताकि यात्रा कम हो और खर्च घटे। इससे टीमों और दर्शकों दोनों के स्तर पर ईंधन बचत संभव होगी।