पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का बड़ा अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोमवार को जानकारी दी कि अब तक 1,700 से अधिक भारतीयों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला जा चुका है, जो इस ऑपरेशन की व्यापकता को दर्शाता है।
1,777 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास अब तक 1,777 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हवाई मार्ग की बजाय जमीनी रास्तों (land routes) का उपयोग किया गया, जिसके तहत भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकाला गया।
895 छात्र और 345 मछुआरे सुरक्षित बाहर लाए गए
इन दोनों देशों में पहुंचने के बाद भारतीय नागरिकों को वहां से सुरक्षित तरीके से भारत भेजा जा रहा है। बाहर निकाले गए लोगों में बड़ी संख्या में छात्र और मछुआरे शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 895 छात्र और 345 मछुआरे इस रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सुरक्षित बाहर लाए जा चुके हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि हालात सामान्य होने तक लगातार जारी रहेगा।
यह अभियान जटिल रेस्क्यू है
सरकार उन सभी भारतीय नागरिकों की पहचान कर रही है जो अभी भी प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं, और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीच, भारत सरकार ने ईरान और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे भारतीयों को सतर्क रहने और दूतावास के संपर्क में बने रहने की सलाह दी है। कुल मिलाकर, यह ऑपरेशन भारत के अब तक के बड़े और जटिल रेस्क्यू अभियानों में से एक माना जा रहा है, जो संकट के समय अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।