नई दिल्ली - दिल्ली में 20 जुलाई को हुई हिंसा को लेकर दर्ज एफआईआर में दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस के अनुसार, रेल भवन और संसद के पास प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हत्या की नीयत से हमला किया। इसी आधार पर एफआईआर में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) समेत कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं।

129 पुलिसकर्मी और 60 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के दौरान 129 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 60 से अधिक प्रदर्शनकारी भी चोटिल हुए। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़े गए, सुरक्षाबलों पर हमला किया गया और हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, डिजिटल साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी
20 जुलाई की घटना के बाद राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जंतर-मंतर इलाके में सुरक्षा और निगरानी बढ़ी
हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ Facial Recognition System का भी व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि प्रदर्शन में शामिल संदिग्ध और आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।