नई दिल्ली. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि दिमागी नक्सलियों और देशभक्त भारतीयों के बीच लड़ाई की लकीर खिंच गई है। रिजिजू ने लोगों से देशद्रोहियों को याद रखने का आह्वान भी किया। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा बृहस्पतिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में सत्ता परिवर्तन संबंधी टिप्पणी किए जाने के एक दिन बाद यह टिप्पणी की है। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा लड़ाई की लकीर खिंच गई है। यह दिमागी नक्सलियों और देशभक्त भारतीयों के बीच की लड़ाई है। यह भारत के संविधान में विश्वास रखने वालों और अराजकतावादियों के बीच की लड़ाई है।
देशद्रोहियों को माफ न करने का आह्वान
रिजिजू ने एक अन्य पोस्ट में कहा प्रिय देशभक्त भारतीयो याद रखिए अपने दुश्मनों को एक बार माफ कर दीजिए दोस्तों को दो बार लेकिन देशद्रोहियों को कभी माफ मत कीजिए। उन्होंने एक्स पर भूषण के दो वीडियो साझा करते हुए लिखा ये लोग कश्मीर एवं पूर्वोत्तर को भारत से अलग करना और देश को तोड़ना चाहते हैं। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रिजिजू ने कांग्रेस के एक नेता और अन्य लोगों के साथ भूषण की हाल की एक तस्वीर भी साझा की। उनका यह बयान राजनीतिक विमर्श को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
प्रशांत भूषण की टिप्पणी का संदर्भ
रिजिजू की टिप्पणी प्रशांत भूषण के एक दिन पहले दिए गए बयान के जवाब में आई है। भूषण ने संवाददाता सम्मेलन में सत्ता परिवर्तन संबंधी बात कही थी। केंद्रीय मंत्री ने इसे अराजकतावादी सोच से जोड़कर पेश किया। उन्होंने संविधान में विश्वास रखने वालों और अराजकतावादियों के बीच स्पष्ट रेखा खींचने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट तेजी से चर्चा में आ गए। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर बहस छिड़ने की संभावना है।
कश्मीर और पूर्वोत्तर का जिक्र
रिजिजू ने आरोप लगाया कि ये लोग कश्मीर एवं पूर्वोत्तर को भारत से अलग करना और देश को तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने भूषण के वीडियो साझा कर अपनी बात को मजबूती देने की कोशिश की। कांग्रेस नेता और अन्य लोगों के साथ भूषण की तस्वीर भी पोस्ट की गई। यह आरोप क्षेत्रीय एकता और राष्ट्रीय अखंडता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को छूता है। विपक्ष की ओर से इसका जवाब आने की उम्मीद है। रिजिजू का रुख सख्त और स्पष्ट रहा।
भाजपा नेता का रुख
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के रूप में रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने देशभक्त भारतीयों से अपील की कि वे देशद्रोहियों को कभी माफ न करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स का इस्तेमाल कर उन्होंने अपना संदेश व्यापक पहुंच तक पहुंचाया। दो अलग-अलग पोस्ट में उन्होंने लड़ाई की प्रकृति और माफी न देने की सलाह दी। राजनीतिक विश्लेषक इसे सत्ता पक्ष की रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।
राजनीतिक विमर्श पर असर
रिजिजू के बयान से राजनीतिक माहौल में गर्माहट बढ़ने की संभावना है। दिमागी नक्सल और देशभक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष पर दबाव बनाने वाला माना जा रहा है। प्रशांत भूषण जैसे कानूनी विशेषज्ञों के बयानों पर सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया तेज हो गई है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। राष्ट्रीय एकता और संविधान जैसे मुद्दों पर बहस छिड़ना तय है। जनता इस विमर्श पर नजर रखे हुए है।