कोलकाता: उत्तर प्रदेश के 'योगी मॉडल' की तरह अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा सरकार के आते ही 'बुलडोजर नीति' का आगाज हो गया है। मंगलवार को कोलकाता के तपसिया इलाके में एक अवैध बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 24 घंटे के भीतर उस अवैध निर्माण को ढहाने का आदेश दिया।
बिना नक्शे के बनी थी इमारत
तपसिया के जी.जे. खान रोड स्थित इस इमारत (नंबर 50/1B/1) में चमड़े का कारखाना चल रहा था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस इमारत का कोई बिल्डिंग प्लान नहीं था और न ही यहां अग्निशमन के कोई इंतजाम थे। रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने इसे गिराने का निर्देश जारी किया।
भारी सुरक्षा के बीच कार्रवाई
बुधवार शाम को कोलकाता नगर निगम (KMC) और केएमडीए (KMDA) की टीम बुलडोजर, हथौड़े और मजदूरों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने से पहले इमारत के पानी और बिजली के कनेक्शन स्थायी रूप से काट दिए गए। इलाके में तनाव को देखते हुए कोलकाता पुलिस, रैफ (RAF) और केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई थी। कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत हटा दिया।
मुख्यमंत्री की कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, "अवैध निर्माण से जुड़े लोग सतर्क हो जाएं। विभागीय कमेटी की रिपोर्ट राज्य और कोलकाता के लिए खतरे का संकेत है। खासकर कस्बा, तिलजला, मोमिनपुर और इकबालपुर** जैसे इलाकों में इंटरनल ऑडिट किया जाएगा और सभी अवैध निर्माणों के बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे।"वहीं, मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि चिन्हित अवैध निर्माणों को पहले नोटिस दिया जाएगा और उन्हें सुधार का एक मौका भी मिल सकता है, लेकिन नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।