मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए मकर संक्रांति इस वर्ष विशेष सौगात लेकर आई। कटरा स्थित वैष्णो देवी भवन में श्राइन बोर्ड प्रशासन द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्राकृतिक गुफा के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। लंबे समय से इस शुभ क्षण की प्रतीक्षा कर रहे भक्तों के लिए यह आस्था और आनंद का क्षण बन गया।
सीमित समय के लिए पुरानी गुफा से दर्शन
प्राकृतिक गुफा के खुलने के कुछ समय बाद श्रद्धालुओं को पुरानी गुफा से भी दर्शन करने की अनुमति दी गई। हालांकि यह व्यवस्था सीमित अवधि के लिए ही रही। इसके बाद श्रद्धालुओं को नई गुफा से ही माता के दर्शन कराए जा रहे हैं, ताकि भीड़ को सुव्यवस्थित रूप से नियंत्रित किया जा सके।
बढ़ती भीड़ बनी बड़ी चुनौती
जानकारी के अनुसार वैष्णो देवी भवन पर इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। मकर संक्रांति के चलते देशभर से आए भक्तों की भारी भीड़ के कारण सभी श्रद्धालुओं को प्राकृतिक गुफा से दर्शन का अवसर देना संभव नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है।
श्राइन बोर्ड का संतुलित निर्णय
श्राइन बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिस समय भवन क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम होगी, उसी समय भक्तों को पुरानी प्राकृतिक गुफा से दर्शन का अवसर दिया जाएगा। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
नई गुफा से सुचारु दर्शन व्यवस्था
फिलहाल अधिकतर श्रद्धालुओं को नई गुफा से ही माता वैष्णो देवी के दर्शन कराए जा रहे हैं। नई गुफा की व्यवस्था भी पूरी तरह सुरक्षित और सुव्यवस्थित मानी जाती है, जिससे भक्त बिना किसी असुविधा के दर्शन कर सकें। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
श्रद्धालुओं में उत्साह और श्रद्धा का माहौल
मकर संक्रांति के अवसर पर गुफा के कपाट खुलने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। माता के जयकारों से पूरा भवन क्षेत्र गूंज उठा और भक्तों ने इसे अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण बताया। कई श्रद्धालुओं का मानना है कि इस पावन तिथि पर प्राकृतिक गुफा से दर्शन का अलग ही आध्यात्मिक महत्व है।
आस्था और व्यवस्था का संतुलन
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा अपनाई गई यह व्यवस्था आस्था और प्रशासनिक संतुलन का उदाहरण मानी जा रही है। जहां एक ओर भक्तों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
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