नई दिल्ली- कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार (21 जुलाई) को ऐलान किया कि वह इस बार अपना जन्मदिन नहीं मनाएंगे। उन्होंने कहा कि यह जश्न का नहीं, बल्कि सरकार से जवाबदेही मांगने का समय है। खरगे ने छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
'आज जश्न नहीं, जवाबदेही मांगने का दिन'
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि वह जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों के आभारी हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उत्सव नहीं मना सकते। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को दमन नहीं, बल्कि न्याय की जरूरत है।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमला
खरगे ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
सरकार से पूछे कई सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि छात्रों पर बल प्रयोग क्यों किया गया, संसद परिसर के आसपास कड़ी पाबंदियां क्यों लगाई गईं और इंटरनेट सेवाओं पर रोक क्यों लगाई गई। उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक और लाखों छात्रों की परेशानियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
खरगे ने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।