नई दिल्ली. पिछले कई दिनों से उमस भरी गर्मी और कमजोर मानसून से जूझ रहे उत्तर और पूर्वी भारत के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 17 जुलाई से मानसूनी गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आने की संभावना है। मानसूनी हवाओं के दोबारा सक्रिय होने और निम्न दबाव के प्रभाव के कारण देश के कई राज्यों में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लंबे समय से गर्मी तथा उमस झेल रहे क्षेत्रों को राहत मिलेगी, हालांकि कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश की वापसी, तापमान में आएगी गिरावट
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी लगातार लोगों को परेशान कर रही थी। मौसम विभाग के अनुसार 17 जुलाई को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे तथा दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। 18 और 19 जुलाई को बारिश की गतिविधियां और तेज होने का अनुमान है। इन दिनों तेज हवाओं, गरज-चमक और कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ तापमान में भी कमी आएगी।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ तेज बारिश के आसार
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है। विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज बारिश, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना अधिक बताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा का सिलसिला 18 जुलाई तक जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी क्षेत्रों में 22 जुलाई तक लगातार मानसूनी गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भी भारी वर्षा के चलते भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी वर्षा की चेतावनी
पूर्वी भारत में मानसून सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। बिहार में 22 जुलाई तक लगातार वर्षा होने की संभावना है, जबकि झारखंड और सिक्किम में भी कई स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता भी जरूरी
मानसून की दोबारा सक्रियता खेती-किसानी के लिहाज से राहत लेकर आएगी, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई के लिए पर्याप्त वर्षा अत्यंत आवश्यक मानी जाती है। धान, मक्का, दालों और तिलहन की खेती वाले क्षेत्रों में यह बारिश फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। वहीं दूसरी ओर अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में शहरी जलभराव, यातायात बाधित होने, बिजली गिरने और नदियों के जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याओं की आशंका भी बनी हुई है। विशेषज्ञों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।