नई दिल्ली- देशभर में मानसून की रफ्तार अचानक धीमी पड़ गई है, जिससे कई राज्यों में बारिश का इंतजार लंबा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के करीब 40 प्रतिशत हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में मध्य और पश्चिमी भारत के बड़े हिस्सों से बादल लगभग गायब नजर आ रहे हैं। इसका असर खेती, जलस्रोतों और तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम विकसित नहीं होने के कारण मानसून की प्रगति फिलहाल थम गई है।
सिर्फ 103 जिलों में सामान्य बारिश दर्ज
देश के 723 जिलों में से अब तक केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश रिकॉर्ड की गई है। अधिकांश राज्यों में वर्षा का स्तर सामान्य से कम बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने से कई क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं हो पा रही है। इसका सबसे ज्यादा असर मध्य भारत और पश्चिमी राज्यों में देखने को मिल रहा है।
सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखा बादलों का अभाव
17 जून की सुबह INSAT-3DS सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और कर्नाटक के बड़े हिस्सों का आसमान लगभग साफ दिखाई दिया। सामान्य तौर पर इस समय तक इन क्षेत्रों में मानसूनी बादलों की अच्छी मौजूदगी रहती है, लेकिन इस बार तस्वीरें अलग स्थिति दिखा रही हैं। मौसम विशेषज्ञ इसे मानसून की धीमी प्रगति का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम नहीं बनने से असर
मौसम विभाग के अनुसार मानसून की गति धीमी पड़ने की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया या डिप्रेशन का विकसित न होना है। आमतौर पर ऐसे सिस्टम मानसूनी हवाओं को मजबूती देते हैं और बारिश वाले बादलों को देश के अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचाने में मदद करते हैं। इस बार ऐसा सिस्टम नहीं बनने से मानसून आगे बढ़ने में संघर्ष कर रहा है।
18 जून को इन राज्यों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 18 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना जताई है। बिहार के कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी गरज-चमक के साथ वर्षा और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है।
19 जून को पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार
19 जून को सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। वहीं राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
जेट स्ट्रीम बन रही मानसून की राह में बाधा
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में जेट स्ट्रीम का पैटर्न मानसून के लिए अनुकूल नहीं है। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली तेज हवाएं होती हैं, जो मानसूनी बादलों और पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही यह प्रणाली कमजोर होगी, मानसूनी हवाएं दोबारा सक्रिय हो जाएंगी और बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी।
अगले 4-5 दिनों में फिर रफ्तार पकड़ सकता है मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों के भीतर परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। इसके बाद मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है। इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
तेलंगाना में एक सप्ताह से अटका मानसून
4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिनों में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। हालांकि फिलहाल यह तेलंगाना के भद्राचलम क्षेत्र में करीब एक सप्ताह से रुका हुआ है। इसकी वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश में देरी हो रही है। कृषि क्षेत्र में भी इसका असर महसूस किया जाने लगा है।
राजस्थान में प्री-मानसून बारिश से मिली राहत
राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने राज्य के 23 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग के जिलों में अगले तीन दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना जताई गई है।