नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। इससे पहले जांच एजेंसी इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी। अब विशेष CBI अदालत में मामले की अगली सुनवाई 22 अक्टूबर 2026 को होगी। अदालत ने आरोपी को आरोपपत्र की प्रति उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है।
कौन है 14वां आरोपी?
इस मामले में शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी का नाम सामने आया है। वह महाराष्ट्र के पुणे से जुड़ा बताया जा रहा है। CBI ने उसे 2 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, सूर्यवंशी का कथित तौर पर इस मामले के एक अन्य आरोपी शुभम मधुकर खैरनार से करीबी संबंध था। एजेंसी का आरोप है कि दोनों के बीच कथित आपराधिक साजिश के तहत परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक लीक हुए प्रश्न पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी।
अभ्यर्थियों से पैसे लेने का भी आरोप
CBI के मुताबिक, सूर्यवंशी ने कथित तौर पर NEET-UG 2026 के लीक प्रश्न उपलब्ध कराने के बदले अभ्यर्थियों या उनके परिवारों से पैसे लिए थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह कुछ अभ्यर्थियों को महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित एक मकान में लेकर गया था, जहां उन्हें परीक्षा के कथित लीक प्रश्न उपलब्ध कराए गए।
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि सूर्यवंशी ने बाद में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने पास रखे थे। हालांकि, ये सभी आरोप हैं और इनकी पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है।
पहले 13 आरोपियों के खिलाफ भी दाखिल हो चुकी है चार्जशीट
इस मामले में CBI पहले ही 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। इनमें मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवालदार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मंगलिलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के नाम शामिल हैं। पहले दाखिल आरोपपत्र में लगभग 20,000 पन्ने और करीब 360 गवाहों का उल्लेख होने की खबर सामने आई थी।
22 अक्टूबर को अदालत में होगी अगली सुनवाई
अब सभी की नजरें 22 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर हैं। अदालत में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा। आरोपपत्र दाखिल होने का मतलब यह नहीं है कि आरोपी का अपराध साबित हो गया है। आरोपों और जांच एजेंसी की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
NEET-UG देशभर में मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षा है। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों की जांच और अदालत की कार्यवाही लाखों अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।