नई दिल्ली. देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य को अधर में लटकाने वाले और व्यापक विरोध प्रदर्शनों की वजह बने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई अगले एक हफ्ते के भीतर अपनी दूसरी और अंतिम चार्जशीट दाखिल करने जा रही है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार सीबीआई की इस अंतिम चार्जशीट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए या शिक्षा मंत्रालय का कोई भी सरकारी अधिकारी आरोपी नहीं बनाया जाएगा। जांच रिपोर्ट के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी है क्योंकि जांच में केवल 13 निजी व्यक्तियों विषय विशेषज्ञों कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की भूमिका ही तय हो सकी है। सीबीआई का कहना है कि सरकारी तंत्र की मिलीभगत के सबूत नहीं मिले।
सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता नहीं मिली
जांच से जुड़े सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतिम चार्जशीट में किसी भी सरकारी अधिकारी या एनटीए के पदाधिकारियों को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। पेपर लीक के घटनाक्रम की गहन जांच के दौरान निजी व्यक्तियों से आगे किसी भी सरकारी तंत्र की मिलीभगत के सबूत नहीं मिले हैं। इसके साथ ही नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में हमारी जांच पूरी हो जाएगी। अधिकारी के अनुसार पूरी जांच में सिस्टम स्तर पर किसी सरकारी अफसर की सीधी भूमिका सामने नहीं आई। केवल निजी स्तर पर सक्रिय बिचौलियों और विशेषज्ञों की संलिप्तता ही साबित हुई। इस निष्कर्ष ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
केवल निजी व्यक्तियों पर आरोप
सीबीआई की जांच में 13 निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है जिनमें विषय विशेषज्ञ कोचिंग संचालक और बिचौलिये शामिल हैं। इन लोगों ने कथित रूप से पेपर लीक की साजिश में भूमिका निभाई। जांच एजेंसी का दावा है कि लीक की पूरी कड़ी निजी स्तर पर ही सीमित रही। सरकारी अधिकारियों या एनटीए कर्मियों की कोई सीधी संलिप्तता नहीं मिली। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर लीक होने के बावजूद सिस्टम की जिम्मेदारी तय न होना निराशाजनक है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में आगे की कार्यवाही होगी।
छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी
सीबीआई की इस जांच रिपोर्ट के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी है। लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होने के बावजूद कोई सरकारी अधिकारी आरोपी न बनाए जाने से सवाल उठ रहे हैं। व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद भी जांच का दायरा निजी व्यक्तियों तक सीमित रहने से असंतोष बढ़ा है। कई संगठन पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। सीबीआई का कहना है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही आरोप तय किए गए हैं। अंतिम चार्जशीट के बाद मामला अदालती प्रक्रिया में प्रवेश करेगा।
जांच पूरी होने का दावा
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में उसकी जांच अब पूरी हो जाएगी। अंतिम चार्जशीट दाखिल करने के साथ एजेंसी अपना काम समाप्त करेगी। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर ही निजी आरोपियों के खिलाफ मामला आगे बढ़ाया जाएगा। सरकारी अधिकारियों को आरोपी न बनाने का फैसला सबूतों की कमी पर आधारित है। पूरे प्रकरण ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे अदालत में ही मामले का निपटारा होगा।