नई दिल्ली. देश में इन दिनों मौसम का स्वरूप दो अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। एक ओर पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है, वहीं उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में गर्मी का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जाएगी, जिससे कई क्षेत्रों में गर्मी का असर और तेज होगा।
उत्तर भारत में तापमान में तेज वृद्धि के संकेत
अगले चार से पांच दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कई स्थानों पर तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जिससे दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होगा।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार का हाल
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल मौसम साफ रहने का अनुमान है, हालांकि कहीं-कहीं हल्के बादल देखे जा सकते हैं। दिन के समय तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। शाम के समय ठंडी हवाओं से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन 15 अप्रैल के बाद लू चलने की आशंका जताई गई है।
पंजाब-हरियाणा में तेज हवाओं का असर
13 और 14 अप्रैल के दौरान पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। ये हवाएं दिन के समय गर्मी के प्रभाव को और बढ़ा सकती हैं, जिससे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
मध्य और पश्चिमी भारत में भी बढ़ेगी गर्मी
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। वहीं गुजरात और महाराष्ट्र में भी तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। इससे इन क्षेत्रों में गर्मी का प्रभाव और अधिक स्पष्ट रूप से महसूस किया जाएगा।
लू और उमस को लेकर चेतावनी जारी
मौसम विभाग ने ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा गुजरात, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे क्षेत्रों में उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकती है, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश का दौर जारी
जहां एक ओर देश के कई हिस्से गर्मी से जूझ रहे हैं, वहीं सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। इन क्षेत्रों में मौसम का यह बदलाव तापमान को संतुलित बनाए रखने में सहायक हो सकता है, लेकिन अचानक मौसम परिवर्तन से सावधानी बरतना आवश्यक है।
सतर्कता और सावधानी की जरूरत
मौसम के इस बदलते स्वरूप को देखते हुए लोगों को दिन के समय धूप से बचाव, पर्याप्त पानी का सेवन और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव साबित हो सकती है।