मई की झुलसा देने वाली गर्मी के बीच उत्तर भारत में मौसम ने ऐसा करवट बदला कि कई राज्यों में हालात भयावह हो गए। एक ओर तापमान लोगों को बेहाल कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अचानक उठ रहे आंधी-तूफान और तेज बारिश ने जनजीवन को संकट में डाल दिया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों में मौसम का यह उग्र रूप देखने को मिला। तेज हवाओं, बिजली गिरने और पेड़ ढहने जैसी घटनाओं ने व्यापक नुकसान पहुंचाया है, जिससे लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा तबाही
उत्तर प्रदेश में बुधवार को अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचाई। तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने से जुड़े हादसों में कम से कम 89 लोगों की मौत की खबर सामने आई। कई जिलों में पेड़ उखड़ गए, बिजली व्यवस्था ठप हो गई और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक असर देखा गया, जहां खेतों और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग तेज मौसम की चपेट में आ गए। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा रहा, लेकिन अचानक आए इस मौसमीय संकट ने व्यापक जनहानि छोड़ दी।
दिल्ली में दिनभर बदला मौसम का रंग
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मौसम ने पूरे दिन अलग-अलग रूप दिखाए। सुबह हल्की आंधी और बूंदाबांदी से शुरुआत हुई, जिसके बाद दोपहर में तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। शाम होते-होते मौसम ने खतरनाक रूप ले लिया और ओलावृष्टि के साथ सीजन की सबसे तेज आंधी दर्ज की गई। पालम क्षेत्र में हवाओं की रफ्तार 98 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिर गए। अचानक आई इस आंधी ने यातायात और हवाई सेवाओं पर भी असर डाला।
पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम के तांडव की बड़ी वजह
भारत मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में इन दिनों आंधी-तूफान की सबसे बड़ी वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। यह मौसम प्रणाली जम्मू-कश्मीर और हिमालयी क्षेत्रों से होकर उत्तर भारत तक पहुंची है, जिसने वातावरण को अत्यधिक अस्थिर बना दिया है। मौसम वैज्ञानिक उमा शंकर दास के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय यह पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण तेज हवाएं, बारिश और गरज-चमक जैसी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।
चक्रवाती सर्कुलेशन ने बढ़ाया तूफानी असर
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण हरियाणा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपर चक्रवाती सर्कुलेशन भी सक्रिय बना हुआ है। यही कारण है कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं की तीव्रता बढ़ गई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश से मणिपुर तक फैला पूर्व-पश्चिम ट्रफ भी वातावरण में अस्थिरता पैदा कर रहा है। इन सभी मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से उत्तर और पूर्व भारत में तूफानी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी ने बिगाड़ा संतुलन
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र भी मौसम को उग्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस सिस्टम के कारण बड़ी मात्रा में नमी उत्तर और पूर्व भारत की ओर पहुंच रही है, जिससे बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में आंधी और बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और नमी के इस खतरनाक मेल ने वातावरण को अत्यधिक संवेदनशील बना दिया है, जिसके चलते अचानक तेज तूफान विकसित हो रहे हैं।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है मुश्किल
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार जलवायु परिवर्तन और असामान्य तापमान वृद्धि के कारण मौसम की घटनाएं अधिक तीव्र और अनिश्चित होती जा रही हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। मई की इस अप्रत्याशित तबाही ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलता जलवायु संतुलन अब सीधे जनजीवन और सुरक्षा को प्रभावित करने लगा है।