भारतीय-अमेरिकी टेलीविजन हस्ती, लेखिका और पाक-कला विशेषज्ञ पद्मा लक्ष्मी ने अमेरिका की वर्तमान स्थिति को “अंधकारमय दौर” बताया। उनके अनुसार, सामाजिक ध्रुवीकरण, राजनीतिक विभाजन और प्रवासियों के प्रति बढ़ती नकारात्मक सोच ने अमेरिकी समाज को गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालात सुधारने से पहले यह दौर और कठिन हो सकता है, लेकिन यह स्थायी नहीं है।
प्रवासियों के प्रति बनता असहिष्णु माहौल
पद्मा लक्ष्मी ने चिंता व्यक्त की कि प्रवासियों के प्रति अमेरिका में भय और पूर्वाग्रह बढ़ रहा है। कई समुदाय अपनी पहचान, संस्कृति और अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रवासी समुदायों ने अमेरिका के निर्माण में ऐतिहासिक योगदान दिया है, लेकिन उन्हें अभी भी संदेह और अविश्वास की नजर से देखा जा रहा है, जो समाज के लिए चिंताजनक संकेत है।
किताब के माध्यम से सांस्कृतिक संवाद
न्यूयॉर्क में ‘एशिया सोसाइटी’ में आयोजित वार्ता के दौरान पद्मा लक्ष्मी ने बताया कि उनकी नई पुस्तक ‘Padma’s All American: Tales, Travels, and Recipes from Taste the Nation and Beyond’ ऐसे ही समय में प्रकाशित हुई है। यह पुस्तक केवल पाक-कला नहीं बल्कि पहचान, प्रवास और सामाजिक संबंधों की कहानियों को भी उजागर करती है। उनका मानना है कि संस्कृति और भोजन लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
विविधता ही अमेरिका की असली ताकत
पद्मा लक्ष्मी ने कहा कि अमेरिका की असली पहचान उसकी विविधता में निहित है। न्यूयॉर्क जैसे शहरों में लोग अलग भाषाएं बोलते हैं, अलग भोजन करते हैं और अलग-अलग आस्था में विश्वास रखते हैं, फिर भी साथ रहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुसांस्कृतिक समाज को कमजोरी नहीं बल्कि ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए।
संवाद की कमी से बढ़ती दूरिया
उन्होंने अफसोस जताया कि सांस्कृतिक और धार्मिक भिन्नताओं के कारण लोग एक-दूसरे से संवाद करना बंद कर देते हैं। इससे गलतफहमियां और डर बढ़ता है। पद्मा लक्ष्मी के अनुसार, उनकी पुस्तक में शामिल आम लोगों की असाधारण जीवन-यात्राएं यह दर्शाती हैं कि सहानुभूति और समझ से समाज को जोड़ा जा सकता है।
उम्मीद की किरण अब भी बाकी
‘द कल्चर ट्री’ की संस्थापक और सीईओ अनु सहगल के साथ बातचीत में पद्मा लक्ष्मी ने कहा कि वह निराश नहीं हैं। उनका मानना है कि जागरूकता, संवाद और साझा कहानियों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि जब लोग एक-दूसरे को जानने की कोशिश करेंगे, तभी अमेरिका इस कठिन दौर से बाहर निकल पाएगा।
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