प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ तथा कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन किया। सेवा तीर्थ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट को स्थान दिया गया है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि देश एक नए इतिहास का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि साउथ ब्लॉक ब्रिटिश शासन का प्रतीक था और अब गुलामी के प्रतीकों से देश को मुक्त किया जा रहा है।प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किया गया, मुगल गार्डन को अमृत उद्यान नाम दिया गया और पुराने संसद भवन को संविधान भवन के रूप में पहचान मिली।
PM मोदी ने पुराने PMO पर कही बड़ी बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी इमारतें औपनिवेशिक शासन की प्रतीक थीं। 13 फरवरी का दिन भारत की विकास यात्रा में एक नई शुरुआत का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन में प्रवेश किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि आजादी के बाद इन इमारतों से कई महत्वपूर्ण नीतियां और निर्णय लिए गए, लेकिन यह भी सच है कि इन्हें ब्रिटिश साम्राज्य की सोच के तहत बनाया गया था। इनका उद्देश्य भारत पर औपनिवेशिक नियंत्रण को मजबूत करना था।
हम सभी एक नए इतिहास को बनते देख रहे: PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन विक्रम संवत् 2082, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का शुभ अवसर है। उन्होंने कहा कि विजया एकादशी का विशेष महत्व है और इस दिन लिए गए संकल्प में सफलता की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि आज भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है और नए व्यापार समझौते संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं। देश सेचुरेशन के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सेवा तीर्थ और नए भवन प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में बनेगा म्यूजियम
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुराने भवनों से जुड़ी यादें हमेशा बनी रहेंगी। वहां से लिए गए निर्णयों ने देश को नई दिशा दी है। इसी कारण सरकार ने पुराने परिसर को देश को समर्पित करते हुए म्यूजियम में बदलने का निर्णय लिया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इतिहास को समझ सकें।
सेवा तीर्थ का पहले नाम था एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव
‘सेवा तीर्थ’ का अर्थ है ‘सेवा का स्थान’। पहले इसका नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, जिसे 2 दिसंबर 2025 को बदलकर सेवा तीर्थ कर दिया गया। यह नई दिल्ली में दारा शिकोह रोड स्थित है।
वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालयों को स्थान दिया गया है।
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