नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत जल्द एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित करने जा रहे हैं, जो भारतीय राजनीति के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगा। देश में सबसे लंबे समय तक लगातार (बिना किसी रुकावट के) प्रधानमंत्री पद पर बने रहने का नया रिकॉर्ड अब पीएम मोदी के नाम होने जा रहा है। अगले सप्ताह 10 जून को वह इस ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच जाएंगे। इसी के साथ देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का पिछले 62 वर्षों से चला आ रहा अटूट रिकॉर्ड भी टूट जाएगा। पंडित नेहरू का रिकॉर्ड पार करते ही नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबी अवधि तक देश की कमान संभालने वाले पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन जाएंगे।
आंकड़ों में समझिए कैसे बनेगा यह महा-रिकॉर्ड
भारत के राजनीतिक इतिहास में अब तक लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड पंडित जवाहरलाल नेहरू के नाम था, जो अब इस तरह बदलने जा रहा है:
पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड: उन्होंने 13 मई 1952 को प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। 27 मई 1964 को उनके निधन के दिन तक वे लगातार 4,398 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री रहे।
पीएम नरेंद्र मोदी का नया इतिहास: नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की। आगामी 10 जून को प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का 4,399वां दिन होगा, जो नेहरू के कार्यकाल से एक दिन अधिक है।
इंदिरा गांधी का रिकॉर्ड पहले ही टूटा: इससे पहले, जुलाई 2025 में पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4,077 दिनों तक पद पर रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। अब 10 जून को वह नेहरू का रिकॉर्ड भी पार कर लेंगे।
नेहरू युग बनाम मोदी युग: शासन की सोच में बड़ा बदलाव
प्रेस और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंडित नेहरू और पीएम मोदी के शासनकाल की कार्यशैली और विचारधारा में एक बड़ा वैचारिक अंतर रहा है:
नेहरू का दौर (विकास का सरकारी मॉडल) | मोदी का दौर (जन-भागीदारी मॉडल)
आजादी के बाद नव-स्वतंत्र देश को खड़ा करने और विकास की पूरी जिम्मेदारी मुख्य रूप से सरकारी तंत्र पर केंद्रित थी। | सरकार का मानना है कि 140 करोड़ से अधिक की आबादी वाले देश में सिर्फ सरकारी मशीनरी के भरोसे बड़े लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते। नागरिक मुख्य रूप से सरकारी योजनाओं के 'लाभार्थी' (Beneficiaries) थे। नागरिकों को सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि देश के विकास में सक्रिय भागीदार' बनाया गया है। |
'जनआंदोलन' बना पीएम मोदी की ताकत
नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि उन्होंने सरकारी योजनाओं को चार दीवारों से निकालकर जनता के बीच एक आंदोलन का रूप दे दिया। उनके कार्यकाल में स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल पेमेंट (UPI), जल संरक्षण और वैश्विक स्तर पर सराहा गया कोविड टीकाकरण (Vaccination) कार्यक्रम जैसी बड़ी परियोजनाओं को 'जनआंदोलन' में तब्दील कर दिया गया। इसी जन-भागीदारी और जनता के अटूट भरोसे की बदौलत नरेंद्र मोदी लगातार इतिहास रचते जा रहे हैं और अब 10 जून को आधिकारिक तौर पर वह आधुनिक भारत के सबसे दीर्घकालिक प्रधान सेवक बन जाएंगे।