जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में भारतीय सेना ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक बड़े घुसपैठ प्रयास को विफल कर दिया। सेना की निगरानी प्रणाली ने सीमा के भीतर संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया, जिसके बाद तुरंत जवाबी अभियान शुरू किया गया। इस कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश के लिए पूरे इलाके में व्यापक घेराबंदी जारी है।
शाम चार बजे दिखी संदिग्ध गतिविधि
सेना के ‘व्हाइट नाइट कोर’ के अनुसार यह घटना शाम लगभग चार बजे सामने आई, जब नियंत्रण रेखा के पास भारतीय क्षेत्र के करीब 300 मीटर भीतर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। लगातार निगरानी के दौरान जवानों ने हरकत महसूस होते ही तत्काल मोर्चा संभाल लिया। सेना ने तेजी से जवाबी कार्रवाई करते हुए घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार आतंकियों का उद्देश्य भारतीय सीमा में प्रवेश कर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देना हो सकता था।
मारा गया आतंकी लश्कर से जुड़ा होने का संदेह
सूत्रों के मुताबिक मारा गया घुसपैठिया आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि वह मनकोट क्षेत्र स्थित बिचो चौकी के पास से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियां अब मारे गए आतंकी की पहचान और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुट गई हैं। सीमापार सक्रिय आतंकी संगठनों की गतिविधियों को देखते हुए इस घटना को गंभीर सुरक्षा चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
सेना ने पूरे इलाके में बढ़ाई घेराबंदी
अभियान के दौरान कुछ अन्य संदिग्ध आतंकियों के पीछे लौट जाने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से सेना ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई आतंकी आसपास के जंगलों या पहाड़ी क्षेत्रों में छिप न पाया हो। सेना ने पूरे सेक्टर में उच्च स्तर की अभियान तत्परता बनाए रखी है और अतिरिक्त निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
सीमापार आतंकवाद पर लगातार नजर
पिछले कुछ समय से नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ की कोशिशों में बढ़ोतरी देखी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सीमापार बैठे आतंकी संगठन लगातार जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने हालांकि निगरानी तकनीक, गश्त और जवाबी क्षमता को पहले से अधिक मजबूत किया है। यही कारण है कि अधिकांश घुसपैठ प्रयास शुरुआती स्तर पर ही विफल कर दिए जाते हैं।
सेना की सतर्कता से टली बड़ी साजिश
विशेषज्ञों का मानना है कि सेना की त्वरित कार्रवाई और सतर्क निगरानी के कारण एक संभावित बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया। कृष्णा घाटी सेक्टर लंबे समय से संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिशें पहले भी होती रही हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।