NDIA गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' को लेकर चुनावी हलकों में हलचल मची हुई है, लेकिन इस पर जन सुराज के संस्थापक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि इस तरह की यात्राओं का कोई खास फायदा नहीं है। प्रशांत किशोर ने कहा - बिहार में एक ही यात्रा की ज़रूरत है – 'बेरोजगारी खत्म करने की यात्रा'। बेमतलब की यात्राएं करने से कोई लाभ नहीं होगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि - कांग्रेस वाले पीएम मोदी की आलोचना करेंगे और पीएम मोदी कांग्रेस की। लेकिन बिहार का युवा यह सुनना चाहता है कि उसे नौकरी कब मिलेगी, पलायन कब रुकेगा।
मुद्दे से भटक रही है राजनीति?
प्रशांत किशोर के इस बयान का स्पष्ट संकेत है कि चुनावी यात्राएं और एक-दूसरे पर की जाने वाली राजनीतिक टिप्पणियां आम जनता, खासकर युवाओं के असली मुद्दों से ध्यान भटका रही हैं। बिहार में शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दे लंबे समय से जटिल बने हुए हैं।
प्रशांत किशोर पहले भी कह चुके हैं कि बिहार की राजनीति को जनता के मुद्दों पर केंद्रित करने की जरूरत है, न कि केवल सत्ता और विपक्ष की रस्साकशी पर।
NDIA गठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' क्या है?
INDIA गठबंधन द्वारा शुरू की गई यह यात्रा देशभर में लोकतंत्र बचाओ और वोटर जागरूकता को लेकर चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए जनता को विपक्ष की ओर आकर्षित करना है। लेकिन प्रशांत किशोर का मानना है कि जनता को अब विकास और रोज़गार जैसे ठोस वादों की ज़रूरत है।