राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति मुर्मु ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को इन पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएं। ये पर्व भारत की समृद्ध कृषि परंपराओं और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं। हम प्रकृति और अन्नदाता किसानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। मेरी मंगलकामना है कि ये पर्व सभी के जीवन में सुख-समृद्धि लाएं।”
लोकसभा अध्यक्ष ने दी शुभकामनाएं
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी एक्स पर लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए कहा, “ये पर्व फसल की समृद्धि, अन्न की महत्ता और किसान के परिश्रम का प्रतीक हैं। तिल-गुड़ की मिठास, ढोल की गूंज और गिद्दा-भांगड़ा की ऊर्जा के साथ यह पर्व आपके जीवन में खुशियां और समृद्धि लाए।” विदेश मंत्री जॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “लोहड़ी और भोगी के पावन अवसर पर सभी को बधाई। ये त्योहार जीवन में खुशियां, मेलजोल और समृद्धि लेकर आए।”
भारत में फसल उत्सव का प्रतीक
लोहड़ी, मकर संक्रांति, पोंगल और माघ बिहू देश के प्रमुख फसल उत्सव हैं। ये पर्व प्रकृति, सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक सद्भाव का जश्न मनाने का अवसर हैं।
लोहड़ी का महत्व
लोहड़ी मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले मनाई जाती है। यह पर्व किसानों के कठिन परिश्रम से तैयार हुई फसल की खुशी और धैर्य से प्राप्त सुख-समृद्धि का प्रतीक है। लोग अपने परिवार और समाज के साथ पवित्र अग्नि जलाकर फसल का स्वागत करते हैं।
परंपरा के अनुसार अग्नि को अर्पित की जाती है फसल और मिठाई
किसान अग्नि देवता को तिल, गुड़, मूंगफली और मक्का अर्पित करते हैं। इसके बाद इनका प्रसाद परिवार और समाज में बांटा जाता है। यह पर्व अब गांवों के साथ-साथ शहरों में भी लोक परंपरा के रूप में मनाया जाता है।
Comments (0)