नई दिल्ली। चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक, पेपर बैलेट से मतदान की बहाली और कथित वोट चोरी से जुड़े चुनावों को रद्द करने सहित चार प्रमुख मांगें रखीं। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष के पास चुनाव में कथित गड़बड़ियों के सबूत हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
राहुल गांधी बोले- हमारे पास वोट चोरी के सबूत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास इस बात के सबूत हैं कि चुनाव कैसे चुराए गए। राहुल के मुताबिक, देश ने भी इन कथित गड़बड़ियों को देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ने आरोपों का खंडन नहीं किया, बल्कि सबूत मांगे। INDIA गठबंधन के नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विपक्ष ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
राष्ट्रपति के सामने विपक्ष की चार प्रमुख मांगें
INDIA गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया में सुधार और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति के सामने चार प्रमुख मुद्दे उठाए।
पहली मांग- CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा: विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले वर्ष 2023 के कानून को रद्द करने की मांग की।
दूसरी मांग- SIR पर रोक: विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को तत्काल रोकने और अपने दावे के मुताबिक हटाए गए 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की।
तीसरी मांग- पेपर बैलेट की वापसी: INDIA गठबंधन ने सभी चुनावों में ईवीएम के बजाय पेपर बैलेट से मतदान कराने की व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग रखी।
चौथी मांग- कुछ विधानसभा चुनाव रद्द हों: विपक्ष ने पिछले दो वर्षों में हुए उन विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग की, जिनमें उसके अनुसार वोट चोरी के ठोस सबूत सामने आए हैं।
ये सभी मांगें विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में रखी गईं। इन पर राष्ट्रपति कार्यालय की प्रतिक्रिया और संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने आना बाकी है।
संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च, कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले INDIA गठबंधन के सांसदों और नेताओं ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाला। राष्ट्रपति से मिलने के लिए 10 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल अंदर गया, जबकि अन्य विपक्षी नेताओं ने कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कथित वोट चोरी के खिलाफ नारे लगाए और 'ज्ञानेश, बस हो गया भाई!' लिखे पोस्टर दिखाए। विपक्ष ने चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर चुनावी हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। यह मार्च संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA गठबंधन के करीब 150 सांसदों और अन्य नेताओं की बैठक के बाद निकाला गया। बैठक में 16 अलग-अलग दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
मनोज झा बोले- बेईमानी के ढांचे को खत्म करना मांग
राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च से पहले RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि विपक्ष की मांग पूरे देश से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि बेईमानी के पूरे ढांचे को खत्म करना जरूरी है और ज्ञानेश कुमार एक ढाल की तरह खड़े हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीतिक दलों के साथ-साथ अन्य लोग भी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों की सराहना की। इससे पहले राहुल गांधी ने संसद के सेंट्रल हॉल में हुई बैठक के दौरान दावा किया था कि विपक्ष के हालिया प्रदर्शनों ने सरकार की नींव हिला दी है।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान
युवा आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। इससे पहले जुलाई में आंदोलन ने पेपर लीक के मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान चलाया था। प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक, हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। शुक्रवार रात 10 बजे से जंतर-मंतर के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश भी दिया गया है।
खड़गे ने सरकार पर लगाया डर का माहौल बनाने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेन सेवाएं रद्द किए जाने से जुड़ी पाबंदियों का हवाला देते हुए सरकार पर डर के कारण कदम उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कथित गलतियों से देश में डर का माहौल बना है और लोकतंत्र खतरे में है। खड़गे ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति से मिलकर उन्हें चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और अपनी चिंताओं से अवगत कराना चाहता है। विपक्ष ने सुरक्षा प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना
बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने INDIA गठबंधन पर चुनावी हार के बाद बहाने बनाने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने हालिया चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि NDA को जनता का समर्थन हासिल है। नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि नागांव के लोकसभा चुनाव परिणाम और नंदीग्राम, रेजीनगर तथा थट्टानचावडी के विधानसभा उपचुनावों के नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और बीजेपी-NDA की नीतियों में जनता के भरोसे को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद आत्ममंथन करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीतिक हताशा को दिखाता है।
अब चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर नजर
चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर INDIA गठबंधन के आरोपों ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। विपक्ष जहां चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में बदलाव और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहा है, वहीं बीजेपी इन आरोपों को राजनीतिक हताशा से प्रेरित बता रही है। अब इस मामले में चुनाव आयोग और राष्ट्रपति कार्यालय की आधिकारिक प्रतिक्रिया अहम होगी।