Nalkheda | शारदीय नवरात्रि के दौरान मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन, हवन और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर विशेष व्यवस्था तय की है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट रोजाना सुबह 5:30 बजे खोले जाएंगे और रात 11 बजे बंद किए जाएंगे। इस अवधि में श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था के तहत मां बगलामुखी के दर्शन कर सकेंगे।
11 से 19 अक्टूबर तक गर्भगृह में प्रवेश बंद
मंदिर प्रबंधन की ओर से जारी व्यवस्था के अनुसार 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 तक श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश और वहां से सीधे दर्शन पर रोक रहेगी। इस दौरान भक्तों को त्रिशूल मंडपम से मां बगलामुखी के दर्शन कराए जाएंगे। यह व्यवस्था नवरात्रि में बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए की गई है।
सुबह 5:30 बजे खुलेंगे मंदिर के कपाट
नवरात्रि के दौरान मंदिर के कपाट प्रतिदिन सुबह 5:30 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं, रात 11 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इस तरह भक्त निर्धारित समय के भीतर मंदिर पहुंचकर मां बगलामुखी के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन के लिए तय समय का ध्यान रखें और मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
सुबह 7 बजे से शुरू होगा हवन
मां बगलामुखी मंदिर में नवरात्रि के दौरान हवन कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी समय निर्धारित किया गया है। मंदिर में हवन की प्रक्रिया रोजाना सुबह 7 बजे से शुरू होगी। हवन कराने के इच्छुक श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए मंदिर पहुंचें, ताकि हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
नवरात्रि में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
शारदीय नवरात्रि के दौरान नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में मध्य प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। भक्त यहां मां के दर्शन के साथ पूजा-अर्चना और हवन के लिए पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्भगृह में प्रवेश पर रोक और त्रिशूल मंडपम से दर्शन की व्यवस्था भी इसी का हिस्सा है।
श्रद्धालुओं से व्यवस्था में सहयोग की अपील
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों और समय का पालन करें। दर्शन के दौरान धैर्य बनाए रखें और मंदिर प्रशासन एवं सुरक्षाकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। प्रबंधन का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध कराना है। ऐसे में भक्तों का सहयोग भीड़ प्रबंधन और मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण रहेगा।