राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता कस्बे में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को लेकर बेहद तीखा और स्पष्ट संदेश दिया। राजपूत शासक राव दूदा की प्रतिमा के अनावरण के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान ने फिर से भारत की ओर आंख उठाने की कोशिश की, तो “जो अब तक नहीं हुआ, वह होकर रहेगा।” उनके इस बयान को भारत की बदलती सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक रुख के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच उनके बयान ने राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया।
“हम छेड़ते नहीं, लेकिन छोड़ते भी नहीं”
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में भारत की पारंपरिक नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत कभी किसी को उकसाने या संघर्ष शुरू करने में विश्वास नहीं रखता, लेकिन यदि कोई देश भारत को चुनौती देता है तो उसे करारा जवाब दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति हमेशा शांति, संयम और सम्मान पर आधारित रही है, लेकिन अब देश अपनी सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए निर्णायक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। उनके बयान को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले का किया जिक्र
रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने लोगों से उनका धर्म पूछकर हत्या की, जो मानवता और भारतीय संस्कृति दोनों के खिलाफ है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति इंसाफ और इंसानियत में विश्वास करती है, जहां जाति, धर्म और मजहब के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाता। उन्होंने आतंकवादियों की इस मानसिकता को अमानवीय बताते हुए कहा कि पूरा देश इस घटना से आक्रोशित था और जनता कठोर जवाब चाहती थी।
“अब भारत चुपचाप सहने वाला देश नहीं”
राजनाथ सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऐसा जवाब दिया कि दुश्मन के होश उड़ गए। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने नया इतिहास रच दिया है। रक्षा मंत्री के अनुसार भारत ने दुनिया को यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि अब देश किसी भी आतंकी हमले को चुपचाप सहने वाला नहीं है। यदि भारतीय नागरिकों पर हमला हुआ, तो जवाब सीधे आतंक के अड्डों तक पहुंचकर दिया जाएगा। उनके इस बयान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई रणनीतिक सोच के रूप में देखा जा रहा है।
सेना और सरकार के समन्वय पर दिया जोर
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने भारतीय सेनाओं की भूमिका की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सैनिक सीमाओं पर देश की सुरक्षा में दिन-रात जुटे हैं, उसी तरह केंद्र सरकार भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, सैन्य क्षमता और सैनिकों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सख्त रुख का संकेत
राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद, घुसपैठ और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संदेश केवल पाकिस्तान के लिए नहीं, बल्कि उन सभी ताकतों के लिए है जो भारत की सुरक्षा और स्थिरता को चुनौती देने की कोशिश कर रही हैं। रक्षा मंत्री के शब्दों ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि आने वाले समय में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भारत और अधिक सख्त और निर्णायक रुख अपनाने जा रहा है।