नई दिल्लीः विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर पड़ा है। कारोबार के दौरान रुपया 18 पैसे की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे बाजार में हलचल देखी गई।
डॉलर के मुकाबले रुपया फिसला
जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजारों में दबाव के चलते रुपये में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों के सतर्क रुख का भी इसका असर देखने को मिला।
वैश्विक संकेतों का असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर रुपये पर पड़ा है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
बाजार में बढ़ी चिंता
रुपये में गिरावट के बाद आयात-निर्यात से जुड़े कारोबारियों और निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। कमजोर रुपया आयात महंगा कर सकता है, जिससे महंगाई पर असर पड़ने की आशंका है।
आगे की दिशा पर नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये की चाल वैश्विक बाजार के रुख और अमेरिकी डॉलर की स्थिति पर निर्भर करेगी। निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।
आर्थिक मोर्चे पर चुनौती
रुपये में गिरावट सरकार और रिजर्व बैंक के लिए भी एक चुनौती के रूप में देखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में स्थिति कैसे संभलती है।