मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर चल रही सियासी जंग ने मंगलवार को बड़ा मोड़ ले लिया। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर ने खारिज कर दिया। यह फैसला भाजपा की ओर से उठाई गई आपत्ति के बाद लिया गया। भाजपा ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की हैदराबाद कोर्ट में लंबित मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी। इस संबंध में चुनाव पर्यवेक्षक की ओर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन निरस्त करने का फैसला सुनाया।
कांग्रेस ने आरोपों को बताया निराधार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें केवल अदालत की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ था और विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है।
विधानसभा परिसर में हंगामा, दोनों दलों में तीखी बहस
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान विधानसभा परिसर में कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। माहौल इतना गर्म हो गया कि कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और विक्रांत भूरिया रिटर्निंग ऑफिसर के कक्ष में जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु भेजने की कवायद
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजने की रणनीति बनाई है। स्टार एयरलाइंस की 75 सीटों वाली चार्टर्ड फ्लाइट से 38 विधायकों सहित करीब 75 लोग शाम को बेंगलुरु रवाना हुए। बाकी विधायक नियमित उड़ान से बाद में भेजे जाने की योजना बनाई गई।
फ्लाइट को लेकर भी हुआ विवाद
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भोपाल एयरपोर्ट पर उनकी चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ान की अनुमति देने में अनावश्यक देरी की गई। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के दबाव में एयरपोर्ट अथॉरिटी उनकी फ्लाइट को रोक रही थी। हालांकि करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद फ्लाइट को उड़ान की मंजूरी मिल गई।
क्यों अहम है तीसरी सीट?
भाजपा पहले ही दो सीटों पर मजबूत स्थिति में है, लेकिन तीसरी सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है। इसी वजह से कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए लगातार रणनीति बना रही है।