मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया है। भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने यह फैसला सुनाया। भाजपा का आरोप है कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की हैदराबाद स्थित एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी थी। मामले को लेकर चुनाव पर्यवेक्षक ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर मंगलवार शाम तक जवाब प्रस्तुत करने को कहा था।
फैसले के खिलाफ कोर्ट जाएगी कांग्रेस
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उन्हें केवल अदालत से एक नोटिस प्राप्त हुआ था। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।नामांकन रद्द होने की सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायकों को लेकर बेंगलुरु रवाना होने वाला विशेष विमान भी रनवे से वापस लौट आया। पार्टी अब आगे की रणनीति पर विचार कर रही है।
केस से जुड़ी जानकारी हमें कांग्रेस के लोगों ने ही दी
इधर, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नामांकन रद्द होने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह न्याय और सत्य की जीत है। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार महेश केवट को भगवान रामलला का आशीर्वाद प्राप्त है और चुनाव होने की स्थिति में भी उनकी जीत तय थी।विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि तेलंगाना मामले से जुड़े दस्तावेज भाजपा को कांग्रेस के ही कुछ लोगों के माध्यम से प्राप्त हुए हैं।
सच्चाई की जीत हुई
उधर, मंत्री राकेश सिंह ने भी फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि सच्चाई की जीत हुई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नियमों के तहत ही नामांकन पत्र खारिज किया गया है।