नई दिल्ली - दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भाजपा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गठबंधन की एकजुटता और उसके राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठाते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। आपको बता दें कि, देश की राजधानी दिल्ली में INDIA गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। बैठक में राजनीतिक रणनीति और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
स्टेडियम से एक कमरे तक सिमट गई बैठक
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि पहले INDIA गठबंधन की बैठकें बड़े स्तर पर आयोजित होती थीं, लेकिन अब उनकी स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा कि, पहले यही सब बैठक स्टेडियम में होती थी, धीरे-धीरे वह अब कांस्टीट्यूशन क्लब के एक कमरे में होने लगी है। आज भी बैठक हुई और उसके बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया को संबोधित किया।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर सवाल
भारतीय जनता पार्टी के नेता पात्रा ने विपक्ष द्वारा SIR और वोट चोरी के लगाए जा रहे आरोपों को लेकर भी निशाना साधा। भाजपा सांसद ने कहा कि जिन राज्यों में विपक्ष को राजनीतिक लाभ मिला, वहां इसी प्रक्रिया पर कोई सवाल नहीं उठाया गया। उनके अनुसार, SIR तो केरल और तमिलनाडु में भी हुआ। तमिलनाडु में आपने दूसरी पार्टी के साथ सरकार बना ली, वहां तो सहयोगी ही बदल गया। केरल में सरकार बन गई तो SIR को नहीं कोस रहे, लेकिन बंगाल में हार गए तो उसी SIR को दोष दे रहे हैं।
वजूद चोरी हो गया है
भाजपा नेता ने विपक्षी गठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि किसी चीज की चोरी हुई है तो वह INDIA गठबंधन के दलों का राजनीतिक अस्तित्व है। उन्होंने कहा कि, अगर सही मायने में कुछ चोरी हुआ है तो INDIA गठबंधन वालों का वजूद चोरी हुआ है। आज धरातल पर इनमें से किसी दल का कोई प्रभावी वजूद नहीं बचा है।
गठबंधन के भीतर मतभेदों का किया जिक्र
संबित पात्रा ने दावा किया कि INDIA गठबंधन के घटक दलों के बीच समन्वय की कमी है और उन्हें पहले अपने अंदरूनी मतभेद सुलझाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन के नेताओं को पहले आपस में बैठक कर अपने राजनीतिक मतभेदों पर चर्चा करनी चाहिए। पात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न दलों और नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से मतभेद सामने आ रहे हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े होते हैं।
बैठक के बाद तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
INDIA गठबंधन की बैठक के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है। जहां विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं भाजपा गठबंधन की प्रभावशीलता और आंतरिक एकता पर लगातार सवाल उठा रही है।