कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के दक्षिण दमदम इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शनिवार सुबह दक्षिण दमदम नगर पालिका के वार्ड नंबर 18 के तृणमूल कांग्रेस (TMC) पार्षद संजय दास का शव उनके घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।इसी बीच, सागर दत्त अस्पताल पहुंचे तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने एक बड़ा और विस्फोटक दावा किया है। कुणाल घोष का आरोप है कि मृत पार्षद संजय दास से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी और पैसा देने के लिए उन पर भारी मानसिक दबाव बनाया जा रहा था, जिसे वह बर्दाश्त नहीं कर पाए।
कमरे में फंदे से लटका मिला शव
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शनिवार सुबह काफी देर तक जब संजय दास ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो परिवार के सदस्यों को चिंता हुई। जब वे किसी तरह कमरे के भीतर दाखिल हुए, तो संजय दास को फंदे से लटका हुआ पाया। उन्हें तुरंत नागेरबाजार के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
घोटाले के आरोपों में घिरे देवराज चक्रवर्ती के करीबी थे संजय
संजय दास को बैरकपुर संगठनात्मक जिले के रसूखदार टीएमसी नेता देवराज चक्रवर्ती का बेहद करीबी माना जाता था। गौरतलब है कि देवराज चक्रवर्ती खुद इन दिनों कई भ्रष्टाचार के मामलों और कथित रंगदारी के आरोपों को लेकर जांच के घेरे में हैं। पिछले हफ्ते ही जबरन वसूली (तोलाबाजी) और चुनाव बाद हुई हिंसा के आरोपों में पुलिस ने देवराज चक्रवर्ती को हिरासत में लिया था।
इसके बाद से ही राजारहाट-गोपालपुर की विधायक अदिति मुंशी के पति (देवराज) के करीबी घेरे में रहने वाले कई टीएमसी नेता पुलिस जांच का सामना कर रहे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इन घटनाओं के बाद से संजय दास भारी तनाव में थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से वे काफी अवसाद (Depression) में दिख रहे थे और किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर रहे थे।
अस्पताल परिसर में कुणाल घोष का बड़ा आरोप
शनिवार को जब कमारहाटी स्थित सागर दत्त मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पार्षद के शव का पोस्टमार्टम चल रहा था, तब वहां विपक्ष के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय और विधायक कुणाल घोष पहुंचे। कमारहाटी नगर पालिका के उप-मुख्य पार्षद तुषार चटर्जी सहित दक्षिण दमदम क्षेत्र के कई टीएमसी कार्यकर्ता भी वहां मौजूद थे।
अस्पताल परिसर में मीडिया से बात करते हुए कुणाल घोष ने सीधे तौर पर आरोप लगाया: "हमारे पार्टी कार्यकर्ता और पार्षद संजय दास से 10 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी मानसिक दबाव और तनाव को न झेल पाने के कारण उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया है।"
पुलिस कर रही है जांच
पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत (Unnatural Death) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इस पर पुलिस ने अभी कुछ साफ नहीं किया है। जांच अधिकारी परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि वे हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और पार्षद के निजी जीवन, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर तफ्तीश को आगे बढ़ा रहे हैं।