महाराष्ट्र - महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बयान सामने आया है। सुप्रिया सुले ने बारामती सीट को लेकर साफ कर दिया है कि वह परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ेंगी। उनके इस बयान को राज्य की राजनीति में अहम माना जा रहा है, क्योंकि बारामती लंबे समय से पवार परिवार का मजबूत गढ़ रही है।
अदिति तटकरे ने सुप्रिया सुले के इस फैसले का स्वागत किया
इस मुद्दे पर जब सुनेत्रा पवार से सवाल किया गया, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। वहीं, अदिति तटकरे ने सुप्रिया सुले के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है और परिवार अपनी जगह, इसलिए परिवार को एकजुट रहना चाहिए।
परिवार के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर
बारामती सीट पर बीते कुछ सालों में परिवार के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर देखने को मिली है। 2024 के लोकसभा चुनाव में सुप्रिया सुले का मुकाबला अपनी भाभी सुनेत्रा पवार से हुआ था, जिसमें सुले ने 1,58,333 वोटों से जीत हासिल की थी। वहीं, विधानसभा चुनाव में अदिति तटकरे ने अपने भतीजे युगेंद्र पवार को हराया था, जिससे इस सीट पर परिवार के भीतर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा साफ नजर आई।
परिणाम 4 मई को आने वाला है
हाल ही में बारामती सीट पर उपचुनाव भी हुआ है, जिसका परिणाम 4 मई को आने वाला है। इस चुनाव में सुनेत्रा पवार मैदान में हैं और उनका मुकाबला कई उम्मीदवारों से है। ऐसे में सुप्रिया सुले का यह बयान बारामती की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है और आने वाले समय में इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।