बांकुड़ा/छातना: सरकारी संपत्तियों और जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर पश्चिम बंगाल में मचे घमासान के बीच बांकुड़ा जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ छातना के कद्दावर टीएमसी नेता शंकर चक्रवर्ती को बिधानचंद्र कृषि विश्वविद्यालय (BCKV) के पुराने कैंपस की जमीन पर कब्जा करने और वहाँ आलीशान बागानबाड़ी (फार्महाउस) बनाकर व्यावसायिक इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोप है कि शंकर चक्रवर्ती गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर से सरकारी सामान गाड़ियों में लादकर अवैध रूप से ठिकाने लगा रहे थे, तभी उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्लासरूम को बनाया होटल, खाली जमीन पर खोला पोल्ट्री फार्म
स्थानीय सूत्रों और शिकायत के मुताबिक, यह पूरा खेल साल 2018 से चल रहा था:
कैंपस हुआ था शिफ्ट: साल 2018 में बिधानचंद्र कृषि विश्वविद्यालय के छातना कैंपस को शुशुनिया में स्थानांतरित (Shift) कर दिया गया था। इसके बाद यह पुराना कैंपस खाली हो गया था।
29 एकड़ पर कब्जा: आरोप है कि कैंपस खाली होने के बाद टीएमसी नेता शंकर चक्रवर्ती ने धीरे-धीरे पूरे 29 एकड़ के सरकारी परिसर पर अपना नियंत्रण कर लिया।
लग्जरी होटल जैसी सजावट: शंकर चक्रवर्ती ने विश्वविद्यालय के छात्रों के क्लासरूम को आधुनिक और आलीशान होटल के कमरों की तरह सजवा दिया। इसके साथ ही परिसर की खुली जमीन पर बड़े पैमाने पर बत्तख-मुर्गियों का पोल्ट्री फार्म शुरू कर दिया गया और बची हुई कृषि भूमि पर वे खुद खेती करवाने लगे।
विधायक ने रंगे हाथों पकड़ा, कोर्ट ने भेजा 2 दिन की पुलिस रिमांड पर
गुरुवार को यह मामला तब खुला जब टीएमसी नेता शंकर चक्रवर्ती कथित तौर पर विश्वविद्यालय के कीमती सरकारी सामानों को एक लॉरी (ट्रक) में भरकर कहीं और भेज रहे थे।
1. विधायक की एंट्री: इस बात की भनक लगते ही के विधायक सत्यनारायण मुखोपाध्याय तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने टीएमसी नेता को सरकारी सामानों की तस्करी करते हुए रंगे हाथों (Catch Hand-to-Hand) दबोच लिया।
2. विश्वविद्यालय की शिकायत: घटना के तुरंत बाद बिधानचंद्र कृषि विश्वविद्यालय के डीन (Dean) ने छातना थाने में शंकर चक्रवर्ती के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
3. गंभीर धाराओं में केस दर्ज: शिकायत के आधार पर पुलिस ने रात में ही कार्रवाई करते हुए आरोपी नेता को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध प्रवेश (Trespassing), विश्वासघात, चोरी, धोखाधड़ी, डरा-धमकाकर जमीन कब्जाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी कई गंभीर गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ न्यायाधीश ने उन्हें 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया।
'मुझे फंसाया गया है, यह राजनीतिक प्रतिशोध है' — शंकर चक्रवर्ती
शुक्रवार को अदालत ले जाए जाने के दौरान टीएमसी नेता शंकर चक्रवर्ती ने खुद पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने मीडिया के सामने चिल्लाते हुए कहा, "मुझे पूरी तरह फंसाया गया है। यह सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) का मामला है।"
दूसरी तरफ, स्थानीय टीएमसी नेतृत्व भी अपने नेता के बचाव में उतर आया है। स्थानीय पार्टी नेताओं का दावा है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन की लिखित अनुमति के बाद ही इलाके के गरीब किसानों को प्रशिक्षण (Training) देने के उद्देश्य से उस जमीन पर पेड़ लगाए गए थे और खेती की जा रही थी। टीएमसी का यह भी दावा है कि उस कैंपस में जो भी फसल उगती थी, उसे बकायदा विश्वविद्यालय प्रशासन को ही सौंप दिया जाता था। बहरहाल, पुलिस अब रिमांड के दौरान इस पूरे घोटाले की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।