विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान "एक पेड़ मां के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम संदेश दिए।
11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कारों का हुआ वितरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थानों, उद्योगों और व्यक्तियों को 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए। इसके अलावा 16 जिलों की 500 बावड़ियों के दस्तावेजों का विमोचन भी किया गया।
'हमारी संस्कृति में प्रकृति का विशेष स्थान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की भावना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ से लेकर दैनिक जीवन तक हर कार्य में प्रकृति की महत्वपूर्ण भूमिका है। भगवान को लगने वाला भोग भी तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत की जीवनशैली सदियों से पर्यावरण संरक्षण के सिद्धांतों पर आधारित रही है और आज पूरी दुनिया पर्यावरण संरक्षण के लिए भारत की ओर देख रही है।
जल संरक्षण के लिए चल रहा जल गंगा संवर्धन अभियान
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी के नेतृत्व में मजबूत हुआ देश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि देश आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से बाहर निकल रहा है और विज्ञान, खेल तथा तकनीक के क्षेत्र में भारतीय प्रतिभाएं दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
भोपाल गैस त्रासदी के कलंक को मिटाने का प्रयास
डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी प्रकृति के साथ खिलवाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण थी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में पड़े 40 साल पुराने कचरे के निष्पादन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया है और अब उस भूमि के समुचित प्रबंधन की दिशा में काम किया जा रहा है।
ग्रीन एनर्जी और वन्यजीव संरक्षण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास और जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्य प्रदेश देश के लिए एक मिसाल बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि चीतों के पुनर्वास और जंगली भैंसों के संरक्षण जैसे प्रयास प्रदेश की जैव विविधता को मजबूत कर रहे हैं।