पश्चिम बंगाल में संपन्न हुए चुनाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक बताया है। पूरे मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की बड़ी हिंसा, विस्फोट या राजनीतिक रूप से प्रेरित मौत की घटना सामने नहीं आई, जिसे चुनाव आयोग ने बड़ी उपलब्धि माना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस दौरान कुल 687 गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें विशेष मामलों में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूर्व बर्धमान में 74 और बैरकपुर में 76 गिरफ्तारी दर्ज की गई।
सबसे अहम बात यह रही कि इस चुनाव में मतदान के दिन एक भी मौत नहीं हुई, जबकि 2016 में 7 और 2021 में 24 लोगों की मौत चुनावी हिंसा में हुई थी। इस बार सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही और किसी भी प्रकार का विस्फोट नहीं हुआ, हालांकि एहतियातन 1383 बम बरामद किए गए।
मतदान और सुरक्षा व्यवस्था:
कुल 41,000 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई और लगभग 5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। मतदान का कुल प्रतिशत 92.47% दर्ज किया गया, जबकि लगभग 95% मतदान प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और बाकी मतदाता कतार में थे।
पूरी प्रक्रिया पर वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी की गई और कंट्रोल रूम से हर 30 मिनट पर अपडेट लिया गया। पहली बार एसडीओ रैंक के अधिकारियों को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और मजबूत हुई।
औसत 92.25% वोटिंग दर्ज, कई जिलों में भारी मतदान
पश्चिम बंगाल में मतदान के ताजा अनुमानित रुझानों के अनुसार राज्य में औसतन 92.25% वोटिंग दर्ज की गई है। यह आंकड़े पूरे राज्य में हुए मतदान के उत्साह को दर्शाते हैं, जहां कई जिलों में लोगों ने बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया।
जिला स्तर पर देखें तो पूर्व बर्धमान में सबसे अधिक 93.68% मतदान दर्ज किया गया है, जबकि कोलकाता दक्षिण में सबसे कम 87.70% वोटिंग हुई है। इसके अलावा हुगली में 91.89%, हावड़ा में 92.00%, कोलकाता उत्तर में 89.31%, नदिया में 91.80%, उत्तर 24 परगना में 92.43% और दक्षिण 24 परगना में 92.76% मतदान दर्ज किया गया। चुनाव आयोग के अनुसार ये आंकड़े अनुमानित ट्रेंड पर आधारित हैं और अंतिम मतदान प्रतिशत में आगे बदलाव संभव है।
शिकायतें और पुनर्मतदान:
EVM पर टेप लगाने से जुड़ी 77 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें फलता (32), मगराहाट (13), डायमंड हार्बर (29) और अन्य (3) शामिल हैं। जांच के बाद 23 बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है, जिनमें दक्षिण 24 परगना, पूर्व बर्धमान और बैरकपुर क्षेत्र शामिल हैं।
चुनाव आयोग का बयान:
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है और पूरी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को सौंप दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि कई वर्षों बाद ऐसा चुनाव हुआ है जिसमें किसी भी राजनीतिक मौत की घटना नहीं हुई।
कुछ स्थानों पर एजेंटों को लेकर शिकायतें मिलीं, जिन्हें आगे सुधार के लिए दर्ज किया गया है।
मुख्य बिंदु:
- 0 चुनावी मौत
- 92.47% मतदान
- 41,000 बूथ
- 5 लाख सुरक्षा कर्मी
- 687 गिरफ्तारियां
- 1383 बम बरामद (एहतियातन)
- 23 बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश