कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद VIP संस्कृति पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कुछ पूर्व अधिकारियों की सुरक्षा में बड़ी कटौती की है। सरकार का कहना है कि अब सुरक्षा व्यवस्था केवल वास्तविक जरूरत के आधार पर ही दी जाएगी।
VIP सुरक्षा सूची में बड़े नाम शामिल
जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार करीब 10 प्रमुख व्यक्तियों के आवासों से पुलिस सुरक्षा हटा दी गई है। इनमें TMC सांसद कल्याण बनर्जी, पूर्व मंत्री अरूप विश्वास, विधायक कुणाल घोष, सुब्रत बख्शी और पूर्व मेयर शोभन चटर्जी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा कुछ पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अतिरिक्त सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।
अतिरिक्त सुरक्षा पर प्रशासन का तर्क
प्रशासन का कहना है कि कई लोगों को दी गई अतिरिक्त सुरक्षा अब आवश्यक नहीं थी, इसलिए उसे हटाया गया है। सरकार का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य सरकारी संसाधनों का सही उपयोग और VIP कल्चर को खत्म करना है।
जिलों में भी दिखा असर
यह फैसला केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रहा। पुरुलिया जिले में भी TMC और कांग्रेस के 13 नेताओं की सुरक्षा वापस ले ली गई है। साथ ही 28 होमगार्ड कर्मियों को पुलिस लाइन में रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है।
सरकार का रुख
- सरकारी पक्ष का कहना है कि यह कार्रवाई:
- फिजूल खर्च रोकने
- सुरक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने
- और VIP संस्कृति पर रोक लगाने के लिए की जा रही है
पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
इससे पहले भी कुछ प्रमुख नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किए गए थे। हालांकि मुख्यमंत्री स्तर की सुरक्षा में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है।