कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना से पहले कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे 8 बैलेट बॉक्स स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचाए गए, जिन्हें ऐसे कमरे में रखा गया जहां कोई CCTV कैमरा मौजूद नहीं था। इस दावे के बाद चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
तृणमूल ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
तृणमूल नेताओं का कहना है कि बिना पर्याप्त निगरानी के बैलेट बॉक्स को सुरक्षित रखना बेहद गंभीर मामला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले में तुरंत जवाब देना चाहिए। तृणमूल का कहना है कि मतगणना से ठीक पहले इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर संदेह पैदा करती हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद प्रशासन ने स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पहले जहां केवल बैरिकेडिंग थी, अब वहां अतिरिक्त पुलिस बल, केंद्रीय सुरक्षा बल और लोहे की घेराबंदी की गई है। इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
सोशल मीडिया वीडियो से बढ़ा विवाद
तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत से बिना राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूचना दिए बैलेट बॉक्स खोलने की कोशिश की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद तृणमूल समर्थक मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बीजेपी नेताओं के पहुंचने से बढ़ा तनाव
घटना की जानकारी मिलने के बाद बीजेपी उम्मीदवार भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच तीखी बहस, नारेबाजी और जवाबी नारेबाजी शुरू हो गई। हालांकि पुलिस और केंद्रीय बलों ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।
नेताओं ने किया स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण
शुक्रवार सुबह बेलियाघाटा सीट से तृणमूल उम्मीदवार कुणाल घोष और बाद में श्यामपुकुर की उम्मीदवार शशि पांजा भी खुदीराम अनुशीलन केंद्र पहुंचे। कुणाल घोष ने स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर जाकर पूरी स्थिति का जायजा लिया और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल चुनाव आयोग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन मतगणना से पहले इस विवाद ने बंगाल की राजनीति को और अधिक गर्मा दिया है।