नई दिल्ली. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 4 से 7 मई के बीच एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। इस सिस्टम के प्रभाव से तेज हवाएं, गरज-चमक और कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बजाय धीरे-धीरे और मजबूत हो रही है।
राजस्थान में तेज बारिश और तूफानी हालात
राजस्थान के कई जिलों में पहले ही तेज हवाओं और बारिश का दौर शुरू हो चुका है। कुछ क्षेत्रों में आंधी और तूफान जैसी स्थिति भी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह असर और बढ़ सकता है। जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
दिल्ली-NCR में भी बदल सकता है मौसम
दिल्ली-NCR में फिलहाल मौसम सामान्य दिखाई दे रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने साफ कहा है कि यह स्थिति लंबे समय तक स्थिर नहीं रहने वाली। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाएं, बादल और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी
मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सिस्टम को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं और अधिक मजबूत बना रही हैं। यही वजह है कि ट्रफ सिस्टम लगातार सक्रिय बना हुआ है और उत्तर भारत में अचानक मौसम बिगड़ने की परिस्थितियां तैयार हो रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नमी के कारण कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज वर्षा हो सकती है।
हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश पर भी असर
राजस्थान से आगे बढ़ता यह मौसम तंत्र हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं उत्तरी मध्य प्रदेश में भी बादलों की गतिविधि बढ़ने लगी है। कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई जा रही है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तापमान में गिरावट से मिल सकती है राहत
बीते कुछ दिनों से कई राज्यों में तेज गर्मी और उमस का असर बना हुआ था, लेकिन अब बारिश और बादलों की गतिविधि से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत दे सकता है, हालांकि तेज तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा।