भोपाल/इंदौर। मध्य प्रदेश में विकास की रफ्तार को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया। 2360 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक भविष्य को बदलने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इंदौर के नैनोद गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी जनसमर्थन देखने को मिला, जहां किसानों ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए इस योजना को अपनी “नई किस्मत” बताया।
किसानों को मिला सीधा फायदा
इस परियोजना में किसानों के हित को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों को 60 प्रतिशत विकसित भूखंड लौटाने का निर्णय लिया है, जिससे किसान केवल जमीन देने वाले नहीं बल्कि विकास के सीधे साझेदार बन गए हैं। साथ ही 4 गुना तक मुआवजा दिया गया है, जिससे कई किसानों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल गई है। इस मॉडल के तहत कई किसान करोड़ों रुपये की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं, जो इसे देश की सबसे अनोखी विकास योजनाओं में से एक बनाता है।
विकास और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कॉरिडोर केवल सड़क परियोजना नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की आर्थिक रीढ़ बनने वाला इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसके जरिए ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, एग्री प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश आएगा। इससे लाखों युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। इंदौर-पीथमपुर क्षेत्र अब एक बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित होगा, जो प्रदेश की जीडीपी को भी मजबूत करेगा।
‘भाग्योदय का शंखनाद’ क्यों कहा गया?
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस परियोजना को “भाग्योदय का शंखनाद” बताते हुए कहा कि यह योजना किसानों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव ला रही है। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी राज्य में किसानों को इतनी बड़ी हिस्सेदारी दी जा रही है, जहां वे विकास के प्रत्यक्ष लाभार्थी बन रहे हैं। लगभग 650 करोड़ रुपये मूल्य के विकसित प्लॉट किसानों को दिए गए हैं, जिससे उनकी आर्थिक मजबूती कई गुना बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री के विजन से जुड़ा विकास मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट कनेक्टिविटी ने भारत को वैश्विक निवेश का केंद्र बना दिया है। इसी विजन के तहत मध्य प्रदेश भी तेजी से औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कांग्रेस पर साधा निशाना
सीएम डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले किसानों को न पर्याप्त मुआवजा मिलता था और न ही बुनियादी सुविधाएं। उन्होंने कहा कि आज सरकार किसानों को दिन में बिजली, बेहतर सिंचाई और उचित दाम उपलब्ध करा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंचाई क्षेत्र में कई गुना वृद्धि हुई है और किसानों की आय में लगातार सुधार हो रहा है।
खुलेंगे विकास के नए द्वार
यह कॉरिडोर इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, शाजापुर और रतलाम को जोड़ते हुए एक बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का निर्माण करेगा। 8-लेन सुपर एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित यह मार्ग दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से भी जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार और उद्योगों को नई गति मिलेगी। यह परियोजना प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश का बड़ा केंद्र बनाएगी।