मालदा:पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर इलाके में सोमवार रात आए महज कुछ मिनटों के चक्रवात ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है और पूरे इलाके में बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। मंगलवार को हरिश्चंद्रपुर-1 ब्लॉक के बीडीओ (BDO) और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
आधी रात का तांडव
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सोमवार रात करीब 10:30 बजे अचानक मौसम बदला और देखते ही देखते चक्रवाती तूफान ने तबाही शुरू कर दी। बरूई ग्राम पंचायत के पेमा, रानीटोला, मीठापुकुर, गिधिनपुकुर और बाकुपाड़ा जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। तूफान इतना शक्तिशाली था कि कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं और पेड़ सड़कों पर गिर गए। कुशिदा ग्राम पंचायत क्षेत्र में भी काफी नुकसान की खबर है।
पाई-पाई को मोहताज हुए लोग
प्रभावित इलाकों में रहने वाले अधिकांश लोग दिहाड़ी मजदूर हैं। मणिकपुर के निवासी मोइनुल रहमान ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, "मैंने बैंक से एक लाख रुपये का कर्ज लेकर अपना घर बनाया था। कल रात आए तूफान ने सब कुछ उजाड़ दिया। अब मुझे नहीं पता कि मैं कर्ज कैसे चुकाऊंगा और घर कैसे ठीक करूँगा।" कई परिवार रात भर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर रहे।
प्रशासनिक पहल और राहत
तबाही की सूचना मिलते ही जिला परिषद के कृषि सिंचाई एवं सहकारिता अधिकारी रबीउल इस्लाम ने प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया। उन्होंने कहा, "बरूई और कुशिदा क्षेत्रों में कई कच्चे घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। हमने बीडीओ, एसडीओ और डीएम को सूचित कर दिया है और जल्द से जल्द राहत पहुंचाने का अनुरोध किया है।"
हरिश्चंद्रपुर-1 के बीडीओ सौमेन मंडल ने बताया, "गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। बिजली विभाग को नए खंभे लगाने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन परिवारों के घरों की छतें उड़ गई हैं, उन्हें आवश्यक तिरपाल और राहत सामग्री प्रदान की जा रही है।"