Jaipur: नागौर MP और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) इस बार विधानसभा चुनावों में अपनी खुद की पार्टी (RLP) को वोट नहीं देंगे। उनके छोटे भाई और खींवसर के मौजूदा MLA नारायण बेनीवाल भी RLP को वोट नहीं देंगे। इतना ही नहीं दोनों भाइयों का परिवार भी RLP को वोट नहीं पाएगा।
बीजेपी और कांग्रेस को आड़े हाथों ले रहे हनुमान बेनिवाल
हनुमान बेनीवाल और उनके छोटे भाई नारायण बेनीवाल प्रदेश की अलग-अलग जगहों पर आयोजित की जा रही RLP की चुनावी सभा व रैलियों में कांग्रेस और बीजेपी को आड़े हाथों ले रहे हैं। हेलीकॉप्टर लेकर प्रदेश के दौरे कर RLP के लिए जनता से वोट भी मांग रहे हैं। नागौर की खींवसर विधानसभा सीट से हनुमान बेनीवाल RLP प्रत्याशी बनकर भी मैदान में हैं।
आखिर क्यों बेनीवाल और उनका परिवार इस बार RLP को वोट नहीं देगा?
हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) के खींवसर विधानसभा सीट पर पेश किये नामांकन पत्र के साथ दिए चुनावी हलफनामा बताया है कि उनका वोट फाइनल इलेक्शन वोटर लिस्ट में नागौर विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या 90 में 795 नंबर पर दर्ज है। वे नागौर तहसील के गांव बरणगांव के रहने वाले हैं। इस लिहाज से हनुमान बेनीवाल का मतदान बूथ नागौर विधानसभा क्षेत्र के बरणगांव में है। भाग संख्या 90 पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरणगांव के बूथ पर 795 नंबर पर हनुमान बेनीवाल पुत्र रामदेव बेनीवाल का वोट दर्ज है। 797 नंबर पर उनके भाई नारायण बेनीवाल का वोट है। साथ ही हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल और परिवार के अन्य लोगों के वोट भी इसी गांव में हैं।
नागौर में RLP का प्रत्याशी ही नहीं
नागौर विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने हरेंद्र मिर्धा और बीजेपी ने ज्योति मिर्धा को चुनाव मैदान में उतारा है। पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान व सुरेंद्र दौतड़ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। अभिनव राजस्थान पार्टी ने यहां मेहराम, बसपा ने भंवराई को उतारा है। वहीं 4 अन्य प्रत्याशी भी निर्दलीय मैदान में हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि हनुमान बेनीवाल की पार्टी RLP (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) ने यहां अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। हालांकि निर्दलीय चुनाव लड़ रहे दौतड़ खुद को RLP नेता ही बताते हैं।
नागौर में ईवीएम मशीन पर नहीं होगा RLP का सिंबल
इस बार नागौर विधानसभा सीट पर RLP का कोई अधिकृत प्रत्याशी मैदान में नहीं होने से इसी सीट के वोटर हनुमान बेनीवाल, नारायण बेनीवाल और उनके परिवार के सदस्य जब 25 नवंबर को अपने बूथ पर वोट देने जाएंगे तो उन्हें ईवीएम मशीन में अपनी पार्टी सिंबल से कोई प्रत्याशी नहीं दिखेगा। ऐसे में वो उसे वोट नहीं दे पाएंगे। उन्हें इसके अलावा किसी अन्य विकल्प को ही चुनना पड़ेगा।
क्या बोली ज्योति मिर्धा
नागौर सीट से बीजेपी प्रत्याशी ज्योति मिर्धा (Hanuman Beniwal) ने कहा कि नागौर विधानसभा सीट पर RLP प्रत्याशी नहीं उतारना मुझे हराने के लिए रचा गया हनुमान बेनीवाल का षड्यंत्र है। हालांकि, ये व्यक्तिगत चुनौती भी है कि अगर वो भारतीय जनता पार्टी में आई हैं तो यहां RLP और कांग्रेस को एक संयुक्त प्रत्याशी के साथ आना पड़ा है। इसमें भी मेरे सामने मेरे रिश्तेदार को ही उतारना पड़ा। ऐसे में उनकी ये एक कमजोरी तो जनता के सामने आ ही गई है। ज्योति मिर्धा बीजेपी के टिकट पर नागौर से विधानसभा चुनाव की प्रत्याशी हैं।
नागौर निर्दलीय प्रत्याशी ने कही ये बात
नागौर विधानसभा सीट से कांग्रेस के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान ने कहा कि नागौर में हनुमान बेनीवाल की पार्टी RLP और अशोक गहलोत मिले हुए हैं। इसके चलते उनका टिकट काटकर हरेंद्र मिर्धा को दे दिया गया। मिर्धा लगातार हार रहे हैं और जनता से भी दूर हैं। खींवसर सीट पे अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए ही बेनीवाल ने यहां हरेंद्र मिर्धा को टिकट दिलवा दिया। अब ये खींवसर में उन्हें जितवाएंगे और वो इन्हे नागौर में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि ज्योति मिर्धा भी तो यही कह रही हैं कि कांग्रेस राज में भी नागौर को बेनीवाल ने चलाया है। पुलिस प्रशासन ने लेकर सब जगह उन्होंने जो चाहा वो हुआ है।