सनातन धर्म में रंग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन राधा और कृष्णा अपने भक्तों के साथ होली खेलने के लिए धरती पर आते हैं। इसी दिन ब्रज में चल रहे लगभग 40 दिन लंबे होली महोत्सव का समापन भी हो जाता है।
धार्मिक विश्वास के अनुसार जो भक्त इस दिन सच्चे मन से राधा-कृष्ण की पूजा करता है और उन्हें रंग अर्पित करता है, उसके जीवन में सुख-समृद्धि, खुशहाली और धन-धान्य की वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में आने वाली बाधाएं भी दूर होने लगती हैं।
रंग पंचमी 2026 की तिथि
द्रिक पंचांग के मुताबिक इस वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 7 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 17 मिनट पर हुई थी, जो 8 मार्च 2026 को रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। इसी वजह से 8 मार्च 2026, रविवार को रंग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है।
पूजा के शुभ मुहूर्त
- सूर्योदय: सुबह 06:38 बजे
- प्रातः सन्ध्या: सुबह 05:26 से 06:40 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 से 12:55 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:22 से 06:46 तक
रंग पंचमी की पूजा विधि
- सुबह स्नान करने के बाद साफ और पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
- घर के मंदिर में राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- इसके बाद कलश स्थापना करें।
- भगवान को चंदन, पीले फूल, वस्त्र, श्रृंगार सामग्री, पीली मिठाई, गुलाल और अक्षत अर्पित करें।
- घी का दीपक जलाकर मंत्रों का जाप करें और आरती करें।
- अंत में भगवान से अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगते हुए सुख-समृद्धि की कामना करें।
रंग पंचमी पर इन मंत्रों का करें जाप
- राधे राधे
- ॐ क्लीं राधा-कृष्णाभ्यां नमः
- राधे कृष्णा राधे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा राधे राधे
धार्मिक मान्यता है कि रंग पंचमी के दिन इन मंत्रों का जाप करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और भगवान राधा-कृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
Comments (0)