समरकंद: 46वें शतरंज ओलंपियाड के छठे दौर में गत चैंपियन भारत को मेजबान उज्बेकिस्तान के खिलाफ 1.5-2.5 से हार का सामना करना पड़ा। मुकाबला चारों बोर्ड पर बेहद करीबी रहा, लेकिन तीसरे बोर्ड पर निहाल सरीन की निर्णायक बाजी हारने से भारत के हाथ से पूरा मैच निकल गया। निहाल सरीन लंबे समय तक बेहतर स्थिति में थे और उनके पास समय की भी अच्छी बढ़त थी। हालांकि, 37वीं चाल में 37...Nf5?? की चूक ने स्थिति बदल दी। उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक याकुबबोव ने इसका फायदा उठाते हुए शानदार सामरिक संयोजन बनाया और अंततः निहाल की क्वीन जीत ली।
तीनों शीर्ष बोर्ड पर ड्रॉ, निहाल की बाजी बनी निर्णायक
भारत की ओर से आर. प्रज्ञाननंदा ने पहले बोर्ड पर नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के साथ ड्रॉ खेला। दूसरे बोर्ड पर अर्जुन एरिगैसी और जावोखिर सिंदारोव की बाजी भी बराबरी पर समाप्त हुई। चौथे बोर्ड पर डी. गुकेश और शमसुद्दीन वोखिदोव ने भी आधा-आधा अंक हासिल किया। ऐसे में तीसरे बोर्ड का नतीजा ही पूरे मुकाबले का फैसला करने वाला साबित हुआ।
29 मिनट बाकी थे, फिर भी निहाल से हुई बड़ी चूक
मुकाबले के एक अहम चरण में निहाल के पास समय की अच्छी बढ़त थी। Chess.com की रिपोर्ट के अनुसार, 31वीं चाल तक याकुबबोव के पास 10 मिनट से भी कम समय बचा था, जबकि निहाल के पास करीब 38 मिनट थे। इसके बावजूद समय के दबाव में चल रहे प्रतिद्वंद्वी को निहाल निर्णायक बढ़त में नहीं बदल सके। इसके बाद 37...Nf5?? वह गलती साबित हुई जिसने बाजी का रुख पलट दिया। याकुबबोव ने तुरंत सामरिक मौका पहचाना और 38.Ne6+! के जरिए निहाल के राजा पर दबाव बढ़ाया। इसके बाद हुए संयोजन में निहाल की क्वीन असुरक्षित हो गई और याकुबबोव ने उसे हासिल कर लिया। याकुबबोव ने मैच के बाद बताया कि निहाल की इस चूक से पहले वह खुद मुश्किल स्थिति में थे और उन्हें लगा था कि बाजी उनके हाथ से निकल सकती है। उनके मुताबिक, निहाल की जल्दबाजी ने उन्हें वापसी का मौका दिया।
उज्बेकिस्तान 12 अंक के साथ अकेले शीर्ष पर
इस जीत के साथ उज्बेकिस्तान छह दौर के बाद 12 मैच प्वाइंट्स के साथ ओपन वर्ग में अकेले शीर्ष पर पहुंच गया। चीन और आर्मेनिया 11-11 अंकों के साथ उसके पीछे हैं, जबकि भारत 10 अंकों वाले समूह में शामिल है। भारत के लिए अभी पांच दौर बाकी हैं। हालांकि, इस हार के बाद टीम को आगे के मुकाबलों में अंक जुटाने के साथ-साथ शीर्ष टीमों के परिणामों पर भी नजर रखनी होगी। अगला दौर रेस्ट डे के बाद 23 सितंबर को खेला जाना है।
महिला टीम ने अमेरिका को 3-1 से हराया
ओपन टीम की हार के बीच भारतीय महिला टीम ने छठे दौर में अमेरिका को 3-1 से हराकर वापसी की। साविता श्री और वंतिका अग्रवाल ने भारत के लिए जीत दर्ज की, जबकि कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख की बाजियां ड्रॉ रहीं। इस जीत से महिला टीम ने भी शीर्ष समूह में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी। छठे दौर के बाद चीन और कजाखस्तान 12-12 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर थे।