नई दिल्ली: इंडियन सुपर लीग (ISL) में लगभग दो सालों से जारी खींचतान और हाल ही में जमशेदपुर एफसी के टूर्नामेंट से हटने के फैसले के बाद आईएसएल प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाया है। देश के इस शीर्ष फुटबॉल टूर्नामेंट के प्रति दर्शकों की घटती रुचि और उनका रुख समझने के लिए शनिवार को आईएसएल अधिकारियों ने एक व्यापक 'फैन सर्वे' शुरू करने की घोषणा की है।
गूगल फॉर्म के ज़रिए टटोला जा रहा प्रशंसकों का मूड
आईएसएल की ओर से फुटबॉल प्रेमियों के लिए एक गूगल फॉर्म जारी किया गया है। इसमें प्रशंसकों से उनके पसंदीदा क्लब, मैच टिकटों की खरीद, ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सब्सक्रिप्शन और लाइव स्ट्रीमिंग देखने की आदतों से जुड़े कई सवाल पूछे गए हैं। इसके अलावा अगर कोई दर्शक आईएसएल में रुचि खो रहा है, तो इसके कारणों को भी इस सर्वे के जरिए जानने की कोशिश की जा रही है।

प्रशासनिक खींचतान और नया क्लब-लेड मॉडल
आईएसएल का संचालन शुरुआत से एफएसडीएल (FSDL) के पास था। पिछले साल अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने संक्षिप्त लीग का आयोजन किया था। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया के हस्तक्षेप के बाद यह तय हुआ कि अब सभी क्लब मिलकर आईएसएल का संचालन करेंगे। आगामी 4 सितंबर से शुरू हो रहे इस सीजन के लिए प्रत्येक क्लब को 1.1 करोड़ रुपये खर्च करने थे, जिसे 55-55 लाख रुपये की दो किस्तों में देना तय हुआ था।
जमशेदपुर एफसी के हटने से गहराया संकट
तमाम कोशिशों के बावजूद टाटा स्टील के स्वामित्व वाली जमशेदपुर एफसी ने व्यावसायिक रूप से इस मॉडल को अव्यवहारिक बताते हुए टूर्नामेंट से अपने हाथ खींच लिए हैं। टाटा प्रबंधन का कहना है कि भारी निवेश के बावजूद भारतीय फुटबॉल से कोई रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। जमशेदपुर एफसी के इस फैसले के बाद आईएसएल प्रबंधन ने इस सर्वे के आधार पर आने वाले समय में टूर्नामेंट के ढांचे में बदलाव करने के संकेत दिए हैं।