नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) के बीच एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आया है। आईपीएल की लोकप्रिय टीम राजस्थान रॉयल्स अब नए मालिकों के हाथों में चली गई है। इस बड़े सौदे में स्टील इंडस्ट्री के दिग्गज Lakshmi Niwas Mittal और उनके परिवार ने फ्रेंचाइजी की 75 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने नाम कर ली है, जबकि Adar Poonawalla के पास करीब 18 प्रतिशत हिस्सेदारी गई है।
93% हिस्सेदारी पर नया कंट्रोल
इस डील के बाद कुल मिलाकर मित्तल परिवार और अदार पूनावाला के पास राजस्थान रॉयल्स की लगभग 93% हिस्सेदारी हो गई है। वहीं, फ्रेंचाइजी के मौजूदा मालिक मनोज बदाले और अन्य हिस्सेदारों के पास सिर्फ 7% हिस्सा ही बचा है। हालांकि, बदाले टीम से जुड़े रहेंगे और भविष्य में रणनीतिक भूमिका निभाते रहेंगे।
कितनी बड़ी है यह डील?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पूरी डील लगभग 1.65 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹15,600 करोड़ में फाइनल हुई है। यह सिर्फ आईपीएल टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि इस सौदे में राजस्थान रॉयल्स से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी—दक्षिण अफ्रीका की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन प्रीमियर लीग की बारबडोस रॉयल्स भी शामिल हैं। यानी अब इन सभी टीमों का नियंत्रण नए मालिकों के पास होगा।
अभी मंजूरी बाकी
हालांकि यह बड़ा सौदा फिलहाल पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। इसे अभी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India), कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI), आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और अन्य नियामक संस्थाओं की मंजूरी मिलनी बाकी है। उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
पहली डील क्यों हुई थी कैंसिल?
इससे पहले अमेरिका स्थित एक कंसोर्टियम ने करीब 1.63 बिलियन डॉलर का ऑफर दिया था, लेकिन उचित जांच प्रक्रिया (due diligence) में खरा न उतरने के कारण वह डील रद्द कर दी गई थी। इसके बाद अब यह नई और बड़ी डील फाइनल हुई है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है।