नई दिल्ली : विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में E85 ईंधन (E85 Fuel) की शुरुआत कर दी है। लेकिन इस घोषणा के साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। दावा किया जाने लगा कि भविष्य में सामान्य पेट्रोल पूरी तरह बंद हो जाएगा और मौजूदा E20 गाड़ियों के मालिकों को जबरन E85 का इस्तेमाल करना होगा या नई गाड़ियां खरीदनी पड़ेंगी।
अगर आपके मन में भी ऐसा कोई डर है, तो राहत की सांस लीजिए। केंद्रीय सरकार ने साफ कर दिया है कि इन आशंकाओं का कोई आधार नहीं है। आपकी मौजूदा गाड़ी बिल्कुल सुरक्षित है।
क्या आपकी E20 गाड़ी बेकार हो जाएगी? केंद्र का जवाब
इस पूरे विवाद और भ्रम पर विराम लगाते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया:"आपकी E20 गाड़ी लंबे समय तक चलती रहेगी, उसे बदलने की कोई जरूरत नहीं है। E20 और E85 पूरी तरह से अलग श्रेणी के ईंधन हैं, जो अलग-अलग प्रकार के वाहनों के लिए बनाए गए हैं। E85 के बाजार में आने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि E20 या सामान्य पेट्रोल गाड़ियां बंद हो रही हैं।"
सरकार ने यह भी बताया कि भविष्य में पेट्रोल पंपों पर भ्रम से बचने के लिए E85 डिस्पेंसर पर स्पष्ट रूप से 'केवल E85-उपयोगी वाहनों के लिए' लिखा जाएगा।
E20 और E85 में क्या अंतर है? एक नजर में समझें
जल्दबाजी में कोई भी गलत ईंधन अपनी गाड़ी में न भरवाएं, इसके लिए दोनों का अंतर समझना जरूरी है:
ईंधन का प्रकार इथेनॉल की मात्रा (Ethanol) पेट्रोल की मात्रा (Petrol) वाहन का प्रकार
E20 Fuel अधिकतम 20% 80% सामान्य पेट्रोल और E20-कॉम्प्लायंट गाड़ियां
E85 Fuel 80% से 85% 14% से 19% केवल फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFV)
बड़ी चेतावनी: यदि आपके पास सामान्य पेट्रोल या E20 कार है, तो भूलकर भी उसमें E85 ईंधन न डालें। इसके लिए विशेष इंजन की आवश्यकता होती है, सामान्य इंजन इसे सहन नहीं कर पाएगा।
क्या होते हैं फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल (FFV)?
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (Flex-Fuel Vehicles) खास तकनीक से बने होते हैं, जो इथेनॉल और पेट्रोल के किसी भी मिश्रण पर चल सकते हैं। ये गाड़ियां E20, E50, E85 और यहां तक कि E100 (100% इथेनॉल) पर भी आसानी से दौड़ सकती हैं। ब्राजील जैसे देशों में यह तकनीक बरसों से इस्तेमाल हो रही है।
E85 लाने से देश और आपकी जेब को क्या फायदा?
सरकार ने E85 ईंधन को बढ़ावा देने के पीछे 3 बड़े कारण और फायदे बताए हैं:
1. सस्ता ईंधन: दिल्ली में E85 ईंधन की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो सामान्य पेट्रोल से करीब 20 रुपये सस्ता है।
2. किसानों की चांदी: इथेनॉल का उत्पादन गन्ने और अन्य फसलों से होता है, जिससे देश के किसानों की आमदनी में भारी इजाफा होगा।
3. पर्यावरण को संजीवनी: पारंपरिक जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) की तुलना में E85 का उपयोग करने से ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 61 प्रतिशत तक की कमी आती है। इसके अलावा देश की कच्चे तेल (Crude Oil) के आयात पर निर्भरता भी घटेगी।
आपको फिलहाल कुछ भी करने की जरूरत नहीं है। अगर आपकी गाड़ी E20 कॉम्पलायंट है या सामान्य पेट्रोल से चलती है, तो आप हमेशा की तरह पेट्रोल पंप पर जाकर सामान्य ईंधन भरवाते रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें, आपकी गाड़ी न तो कबाड़ होने जा रही है और ना ही आपको कोई नई गाड़ी खरीदने का दबाव है।