लखनऊ। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों से ठीक पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बड़ा सियासी संदेश दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में कहा—“दीदी थीं, दीदी हैं और दीदी रहेंगी भी… वो अकेली हैं, लड़ेंगी भी और जीतेंगी भी।” उनके इस बयान ने चुनावी माहौल में नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है।
BJP पर तीखा हमला, महंगाई को लेकर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “बीजेपी झूठ की सोनपापड़ी बनाती है,” और आरोप लगाया कि खाने-पीने से लेकर ट्रांसपोर्ट और हवाई यात्रा तक सब कुछ महंगा होने वाला है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है और यही महंगाई की सबसे बड़ी वजह बनती है।
EVM पर इशारों में उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने बिना सीधे आरोप लगाए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी हो सकती है, तो EVM में क्यों नहीं? उन्होंने यह भी कहा कि “जब मोबाइल बंद रहता है, तब भी अलर्ट आ जाता है,” यह सब लोगों के अंदर डर पैदा करने की रणनीति हो सकती है।
“डराकर चुनाव लड़ना चाहती है BJP”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP डर का माहौल बनाकर चुनाव लड़ती है। उन्होंने कहा कि जनता को भ्रमित किया जा रहा है और यही रणनीति चुनाव में इस्तेमाल की जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संस्था है और उन्हें भरोसा है कि वह बिना भेदभाव के अपना काम करेगा।
UP नेताओं पर भी कसा तंज
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को लेकर भी अखिलेश यादव ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि “दिल्ली में स्टूल मिलता है या कुर्सी, यह देखना होगा,” इशारों में सत्ता के अंदर खींचतान की ओर संकेत किया।