उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारियों से दूर कर दिया है, वहीं उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में अहम भूमिका दी गई है।इस बदलाव के बाद बसपा में अगली पीढ़ी के नेतृत्व और मायावती की चुनावी रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारियों से हटाया
मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के प्रमुख पदों से हटाकर फिलहाल सिर्फ पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करने को कहा है। इसके साथ ही मायावती ने आकाश की राजनीतिक परिपक्वता को लेकर भी टिप्पणी की है।नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाए जाने के बाद आकाश आनंद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट का बायो बदलकर खुद को पहले बसपा कार्यकर्ता बताया था। अब उन्होंने इसे बदलकर केवल 'बसपा समर्थक' कर दिया है।
ईशान आनंद को मिली बड़ी जिम्मेदारी
दूसरी ओर मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद की पार्टी में सक्रियता बढ़ाई है। ईशान को बसपा का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है और चुनाव को देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।ईशान, आकाश आनंद के छोटे भाई और मायावती के भाई आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं। हाल की पार्टी बैठक में भी वह मायावती के साथ प्रमुखता से नजर आए थे।
क्या ईशान होंगे मायावती के उत्तराधिकारी?
ईशान आनंद की बढ़ती सक्रियता को बसपा में अगली पीढ़ी के नेतृत्व से जोड़कर देखा जा रहा है। ईशान ने लंदन से कानून की पढ़ाई की है और अपने पिता के साथ परिवार के कारोबार एवं व्यावसायिक गतिविधियों को संभालने का अनुभव भी रखते हैं।युवा और शिक्षित चेहरे के तौर पर ईशान को पार्टी में आगे बढ़ाने की रणनीति को Gen-Z और युवा वोटर्स तक बसपा की पहुंच बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
युवाओं और दलित वोटर्स पर फोकस?
ईशान आनंद की सक्रियता बढ़ने के पीछे बसपा की युवा राजनीति को मजबूत करने की रणनीति होने की चर्चा है। माना जा रहा है कि पार्टी युवाओं, खासकर दलित युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए ईशान को आगे कर सकती है।हालांकि, सिर्फ संगठन में जिम्मेदारी मिलने के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि ईशान आनंद को मायावती ने अपना उत्तराधिकारी तय कर लिया है। मायावती के राजनीतिक फैसलों को देखते हुए फिलहाल इसे पार्टी में संगठनात्मक बदलाव और नई रणनीति के तौर पर ही देखा जा रहा है।
यूपी चुनाव से पहले BSP में बदलाव के मायने
आकाश आनंद को किनारे करना और ईशान आनंद को अहम जिम्मेदारी देना यूपी चुनाव से पहले बसपा की दिशा में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर होगी कि ईशान को संगठन में कितनी बड़ी भूमिका मिलती है और बसपा इस बदलाव को चुनावी मैदान में किस तरह इस्तेमाल करती है।