उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। दुल्हेड़ा पुलिस चौकी के निकट बनाए गए मंच से मुख्यमंत्री ने जब कांवड़ियों पर फूल बरसाए तो पूरा वातावरण ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के बीच मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त यात्रा मार्ग से गुजर रहे थे और उनके स्वागत के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष तैयारियां की गई थीं।
अरुण गोविल समेत कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस अवसर पर मेरठ से भारतीय जनता पार्टी के सांसद अरुण गोविल और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सोमेंद्र तोमर समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अरुण गोविल को रामानंद सागर के लोकप्रिय धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए विशेष पहचान मिली है। उनके साथ मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और धार्मिक, दोनों स्तरों पर आकर्षण का केंद्र बनाया। मंच से कांवड़ियों के स्वागत के दौरान लगातार धार्मिक जयकारे सुनाई देते रहे और श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों के प्रति सम्मान और स्वागत की भावना को व्यक्त करना भी रहा।
मुख्यमंत्री ने शिवभक्तों का किया अभिनंदन
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी शिवभक्तों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सावन में कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण के प्रति वह सम्मान व्यक्त करते हैं तथा भगवान महादेव से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुविधाओं का ध्यान रखने वाले जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं के प्रति भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा और उनकी यात्रा को सुगम बनाने में विभिन्न स्तरों पर लोगों ने पूरी श्रद्धा के साथ योगदान दिया है। उनके इस संदेश में धार्मिक आयोजन के साथ सेवा और सामाजिक सहभागिता को भी प्रमुखता दी गई।
सुख, शांति और सौहार्द के लिए महादेव से प्रार्थना
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी कामना है कि देवाधिदेव महादेव की कृपा उत्तर प्रदेश और पूरे देश पर बनी रहे। उन्होंने प्रदेश और देश में सुख, शांति, समृद्धि तथा सौहार्द का वातावरण कायम रहने की प्रार्थना की। कांवड़ यात्रा को भारतीय धार्मिक परंपरा और सामूहिक आस्था का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा और श्रद्धा का संचार करते हैं। मुख्यमंत्री ने इस भावना के साथ कार्यक्रम में शामिल होने को अपने लिए सौभाग्य का अवसर बताया। उन्होंने शिवभक्तों की यात्रा के सफल और सुरक्षित समापन की भी कामना की।
समापन की ओर बढ़ रही कांवड़ यात्रा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष की कांवड़ यात्रा अब अपने समापन की ओर बढ़ रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने-अपने गंतव्यों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और रास्ते में आने वाले विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक की तैयारी कर रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों से हरिद्वार पहुंचते हैं और वहां से गंगाजल लेकर पैदल अथवा निर्धारित यात्रा मार्गों से अपने क्षेत्रों की ओर लौटते हैं। मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इलाका इस पूरी यात्रा व्यवस्था में महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल है, जहां से बड़ी संख्या में कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ते हैं।
करोड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका अनुमान है कि सावन की शिवरात्रि तक गाजियाबाद से लेकर हरिद्वार के बीच लगभग चार से साढ़े चार करोड़ श्रद्धालु और शिवभक्त कांवड़ यात्रा में शामिल होकर विभिन्न शिवालयों में गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और यात्रा मार्गों पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की बड़ी जिम्मेदारी रहती है। कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती हैं। लाखों लोगों की एक साथ आवाजाही के कारण स्थानीय प्रशासन के लिए समन्वय और सतर्कता बनाए रखना भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
आस्था के साथ सेवा और व्यवस्था का संदेश
कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसके दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक और धार्मिक संगठन श्रद्धालुओं की सेवा में जुटते हैं। यात्रा मार्गों पर भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता और विश्राम जैसी सुविधाओं की व्यवस्था में स्थानीय लोग भी भागीदारी करते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इसी सामूहिक सहभागिता का उल्लेख करते हुए जनप्रतिनिधियों और संगठनों के प्रयासों की सराहना की। मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा इसी व्यापक स्वागत परंपरा का हिस्सा रही। धार्मिक आस्था के इस बड़े आयोजन में प्रशासनिक व्यवस्था और सामाजिक सहयोग के बीच बेहतर तालमेल यात्रा को सुरक्षित तथा सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हर-हर महादेव के जयघोष के बीच आगे बढ़े शिवभक्त
मेरठ में मुख्यमंत्री द्वारा कांवड़ियों के स्वागत का दृश्य सावन की धार्मिक आस्था का प्रमुख प्रतीक बनकर सामने आया। मंच से पुष्प वर्षा के दौरान शिवभक्तों के बीच उत्साह दिखाई दिया और पूरे क्षेत्र में ‘बोल बम’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंजते रहे। गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों के लिए यात्रा का अंतिम चरण विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसके बाद वे शिवालयों में जलाभिषेक कर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण करते हैं। मुख्यमंत्री ने भी इसी आस्था और श्रद्धा की भावना के साथ शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं और महादेव से देश तथा प्रदेश के कल्याण की प्रार्थना की। इस तरह मेरठ का कार्यक्रम कांवड़ यात्रा के अंतिम दौर में श्रद्धा, स्वागत और सेवा की भावना को सामने लाने वाला अवसर बना।