लखनऊ - अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले की जांच SIT द्वारा की जा रही है और कई स्तरों पर पूछताछ भी जारी है। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी और गबन मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मीडिया में सामने आ रही चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने स्पष्ट कहा कि, ऐसे मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए। बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो ने जोर देकर कहा कि, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
राजनीतिकरण से बचने की अपील
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले का राजनीतिकरण करना सही नहीं है। उनके अनुसार, संवेदनशील धार्मिक मामलों को राजनीति से दूर रखना चाहिए ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके। बीएसपी प्रमुख ने यह भी सुझाव दिया कि मंदिरों में चढ़ावे और दान की व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की व्यवस्थाओं से सीख लेकर पारदर्शिता बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी तरह की शिकायत न आए।
मायावती के बयान में एक ओर जहां दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है, वहीं दूसरी ओर उन्होंने मामले को राजनीतिक रंग देने से बचने की भी अपील की है। उनका कहना है कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना सबसे जरूरी है।
राम मंदिर में हुई चोरी में मेरी भूमिका नहीं - चंपत राय
वहीं अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के पू्र्व महासचिव चंपत राय ने बड़ा बयान दिया है। घोटाला मामले में SIT ने चंपत राय का बयान दर्ज किया, जिसमें उन्होंने चढ़ावा चोरी में हाथ होने से साफ इनकार किया है। चंपत राय ने पुलिस को बताया है कि उनके संज्ञान में चोरी का मामला आते ही वह तुरंत सक्रिय हो गए थे. उनके ही कहने पर संदिग्ध पकड़े गए हैं।