दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूर्वांचल के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर उत्तर भारत के मौसम का रुख बदलना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून की प्रगति अब तेज हो रही है और आगामी दो से तीन दिनों के भीतर इसके राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं। लंबे इंतजार के बाद मानसून की सक्रियता बढ़ने से उत्तर भारत के करोड़ों लोगों को भीषण गर्मी, उमस और लू जैसी परिस्थितियों से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में वर्षा की गतिविधियां व्यापक रूप से बढ़ेंगी, जिससे कृषि और जल संसाधनों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
कई राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है दक्षिण-पश्चिम मानसून
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि 30 जून तक मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही उत्तर अरब सागर, गुजरात, दमन एवं दीव, जम्मू-कश्मीर तथा राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी, निम्न दबाव प्रणाली और अनुकूल पवन प्रवाह के कारण मानसून अब लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में विस्तार कर रहा है। इससे आने वाले दिनों में देश के बड़े भूभाग में सामान्य से अच्छी वर्षा दर्ज होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
केरल से शुरू हुआ सफर, बीच में धीमी पड़ी थी रफ्तार
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी से चार जून को केरल तट पर पहुंचा था। प्रारंभिक चरण में इसने दक्षिण भारत के तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में व्यापक वर्षा कराई तथा उसके बाद पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत की ओर तेजी से बढ़ा। हालांकि बीच के लगभग दस दिनों में मानसून की गति धीमी पड़ गई, जिसके पीछे एल नीनो सहित कई वैश्विक एवं क्षेत्रीय मौसमी कारकों को जिम्मेदार माना गया। इसके कारण मध्य भारत और उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में अपेक्षित समय पर वर्षा नहीं हो सकी। अब मौसम प्रणालियों के पुनः सक्रिय होने के बाद मानसून ने एक बार फिर गति पकड़ ली है और व्यापक वर्षा का दौर शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं।
दिल्ली-एनसीआर में जल्द मिलेगी उमस और गर्मी से राहत
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पिछले कई दिनों से अत्यधिक उमस और असहनीय गर्मी की चपेट में रहा है। हाल के दिनों में यहां रात का तापमान भी सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया, जिससे लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी राहत नहीं मिल सकी। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून दिल्ली पहुंच सकता है, जिसके बाद गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज वर्षा होने की संभावना है। वर्षा के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी, वातावरण में नमी संतुलित होगी तथा लंबे समय से जारी उमस भरी परिस्थितियों से राहत मिलने की उम्मीद है।
कृषि, जल संसाधन और अर्थव्यवस्था के लिए राहतभरी खबर
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने से खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और सिंचाई पर निर्भरता कम होगी। जलाशयों, नदियों और भूजल स्तर में सुधार आने की संभावना है, जिससे पेयजल संकट वाले क्षेत्रों को भी राहत मिलेगी। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाले राज्यों के लिए समय पर होने वाली वर्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इससे उत्पादन, ग्रामीण आय और खाद्य सुरक्षा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि आगामी सप्ताहों में मानसून सामान्य गति से आगे बढ़ता रहा तो देश के अधिकांश हिस्सों में कृषि गतिविधियां मजबूत होंगी और मौसम से जुड़ी आर्थिक चिंताएं भी काफी हद तक कम हो सकती हैं।