लखनऊ। समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव के निधन से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर है। महज 38 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। इस बीच उनकी पत्नी अपर्णा यादव दिल्ली से लखनऊ पहुंच चुकी हैं और पोस्टमार्टम हाउस के लिए रवाना हो गई हैं।
अस्पताल प्रशासन ने क्या बताया?
सिविल अस्पताल के CMS डॉक्टर देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि प्रतीक यादव को अस्पताल लाए जाने तक उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शरीर के नीला पड़ने की खबरों पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
शुरुआती मेडिकल जानकारी में क्या आया सामने?
चिकित्सा विभाग की सह-निदेशक डॉ. रुचिता शर्मा के मुताबिक, प्रतीक यादव लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
डॉक्टरों के अनुसार पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक गंभीर बीमारी है, जिसमें खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है। इससे सांस लेने में दिक्कत होती है और हार्ट फंक्शन पर भी असर पड़ता है। वे ब्लड थिनर दवाइयां भी ले रहे थे।
बिना डॉक्टरों को बताए अस्पताल से लौटे थे घर
सूत्रों के मुताबिक, 30 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक यादव को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन बाद हालत में सुधार होने पर वे डॉक्टरों को बिना जानकारी दिए घर लौट आए थे। इसके बाद अचानक उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई।
जिम पार्टनर ने बताई आखिरी मुलाकात
प्रतीक यादव के जिम पार्टनर स्वप्नेश पांडे ने बताया कि उनका स्वभाव बेहद अच्छा था और यह खबर सभी के लिए चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा कि रात करीब 11 से 12 बजे के बीच उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया था, लेकिन बाद में उनकी हालत और बिगड़ गई।
राजनीतिक गलियारों में शोक
यूपी के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने यादव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।