अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों को शामिल किया गया है। इनमें डॉ. निर्मला यादव की नियुक्ति को खास माना जा रहा है, क्योंकि वह ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बनी हैं। नई जिम्मेदारी मिलने पर डॉ. निर्मला यादव ने खुशी और गर्व जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस भूमिका की उम्मीद नहीं थी, लेकिन अब मिली जिम्मेदारी को वह पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ निभाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने राम मंदिर को केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आस्था और आकर्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बताया। डॉ. निर्मला यादव के मुताबिक, उनकी प्राथमिकता मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना होगी। मंदिर प्रबंधन में जहां भी किसी तरह की कमी नजर आएगी, उसे दूर करने की दिशा में काम किया जाएगा।
अचानक मिली जिम्मेदारी, पहली महिला ट्रस्टी बनने पर जताया गर्व
डॉ. निर्मला यादव ने कहा कि ट्रस्ट में शामिल किए जाने का फैसला उनके लिए अप्रत्याशित रहा। उन्होंने बताया कि उन्हें इस तरह की जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद नहीं थी। ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी के रूप में नियुक्ति को उन्होंने सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी बताया। उनके मुताबिक राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर में लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह अपनी भूमिका को पूरी गंभीरता से निभाने की कोशिश करेंगी। उनका उद्देश्य मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं में सकारात्मक योगदान देना रहेगा।
मंदिर के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगा विशेष ध्यान
नई जिम्मेदारी के तहत डॉ. निर्मला यादव का जोर मंदिर के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन से लेकर सुरक्षा तक कई पहलुओं पर लगातार ध्यान देने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि जहां भी व्यवस्था में कमी दिखाई देगी, उसे दूर करने की कोशिश की जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए सुचारु आवागमन और सुविधाजनक दर्शन व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। उनका कहना है कि मंदिर आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाना प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके लिए मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा और आवश्यक सुधार पर ध्यान दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा को बताया प्राथमिकता
डॉ. निर्मला यादव ने स्पष्ट किया कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा उनके काम का अहम हिस्सा होगी। अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थाओं को व्यवस्थित बनाए रखना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रयास किया जाएगा। दर्शन, सुरक्षा और मंदिर परिसर से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने व्यवस्था में मौजूद कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि मंदिर आने वाले हर श्रद्धालु को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिलना चाहिए।
‘चंदा चोरी’ के सवाल पर बोलीं- निष्पक्षता हमेशा मेरी पहचान रही
ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी के बीच डॉ. निर्मला यादव से ‘चंदा चोरी’ से जुड़े सवाल पर भी प्रतिक्रिया ली गई। इस पर उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि वह करीब 25 वर्षों तक प्रधानाचार्य के पद पर काम कर चुकी हैं और इस दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना किया। उनके मुताबिक जिम्मेदार पद पर रहते हुए उन्होंने हमेशा निष्पक्षता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि उनके कामकाज की पहचान निष्पक्ष रवैये से बनी है। नई जिम्मेदारी में भी वह इसी सिद्धांत को बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ट्रस्ट से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उनकी सोच स्पष्ट रहेगी।
25 वर्षों का प्रशासनिक अनुभव आएगा काम
डॉ. निर्मला यादव के पास लंबे समय तक प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है। करीब ढाई दशक तक प्रधानाचार्य के रूप में काम करने के दौरान उन्होंने संस्थागत प्रबंधन और विभिन्न चुनौतियों का सामना किया। उनका मानना है कि यह अनुभव ट्रस्ट की जिम्मेदारी निभाने में उपयोगी साबित हो सकता है। मंदिर प्रबंधन में भी अनुशासन, समन्वय और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अपने पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए वह नई भूमिका में काम करने का प्रयास करेंगी। उनके लिए यह केवल पद नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। इसी वजह से वह अपनी भूमिका को गंभीरता और निष्पक्षता के साथ निभाने पर जोर दे रही हैं।
तीन नए ट्रस्टियों में शामिल हैं डॉ. निर्मला यादव
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों को शामिल किया गया है, जिनमें डॉ. निर्मला यादव भी हैं। उनकी नियुक्ति इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि वह ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी हैं। नई नियुक्ति के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी भूमिका पर भी नजर रहेगी। डॉ. निर्मला यादव ने अपने बयान में साफ किया है कि उनका ध्यान प्रबंधन, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगा। उन्होंने राम मंदिर को भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण केंद्र बताया। ऐसे में मंदिर से जुड़ी जिम्मेदारी को वह पूरी गंभीरता से निभाने की बात कह रही हैं। अब उनकी नई भूमिका में अनुभव और प्रशासनिक दृष्टिकोण का इस्तेमाल किस तरह होता है, यह आगे देखने वाली बात होगी।