लखनऊ: उत्तर प्रदेश आईटीआई प्रवेश 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए अहम अपडेट सामने आई है। राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद ने पहली आवंटन सूची जारी कर दी है। इस सूची में सरकारी, निजी और पीपीपी मॉडल के आईटीआई में सीट पाने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं। जिन उम्मीदवारों को सीट आवंटित हुई है, उन्हें 27 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी आवंटित सीट और संस्थान की जानकारी देख सकते हैं। प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित आईटीआई में निर्धारित समय के भीतर व्यक्तिगत रूप से पहुंचना होगा। वहां दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद ही प्रवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
आईटीआई पहुंचते समय ये दस्तावेज रखें
प्रवेश के लिए संबंधित आईटीआई में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को अपने जरूरी दस्तावेज साथ ले जाने होंगे। सबसे पहले अभ्यर्थियों को अपना आधिकारिक बुलावा पत्र साथ रखना होगा। इसके अलावा मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी संस्थान में प्रस्तुत करना जरूरी होगा। अंकतालिकाओं की पर्याप्त प्रतियां भी अभ्यर्थियों को अपने साथ रखनी चाहिए। पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत भी प्रवेश प्रक्रिया के दौरान पड़ सकती है। अभ्यर्थियों को सभी मूल दस्तावेजों के साथ उनकी अतिरिक्त प्रतियां भी तैयार रखनी चाहिए। दस्तावेजों में किसी तरह की कमी होने पर प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। इसलिए संस्थान जाने से पहले सभी कागजात की अच्छी तरह जांच कर लेना जरूरी है।
सीट पक्की करनी है तो चुनें Freeze
सीट आवंटित होने के बाद अभ्यर्थियों को Freeze और Float में से किसी एक विकल्प का चुनाव करना होगा। अगर अभ्यर्थी को मिली हुई सीट और ट्रेड पसंद है तो वह Freeze विकल्प चुन सकता है। Freeze का मतलब है कि अभ्यर्थी आवंटित सीट को स्वीकार कर रहा है। इस विकल्प के जरिए अभ्यर्थी अपनी वर्तमान सीट पर प्रवेश लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाता है। ऐसे अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित आईटीआई में पहुंचना होगा। संस्थान में दस्तावेजों के सत्यापन के बाद प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। Freeze चुनने से पहले अभ्यर्थी को आवंटित संस्थान और ट्रेड की जानकारी ध्यान से देख लेनी चाहिए। अगर सीट से संतुष्ट हैं, तो समय पर Freeze विकल्प चुनकर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना बेहतर होगा।
बेहतर सीट की उम्मीद है तो Float चुनें
अगर अभ्यर्थी को मिली सीट उसकी पहली पसंद नहीं है तो वह Float विकल्प का चुनाव कर सकता है। Float चुनने पर अभ्यर्थी को आगे के चरण में बेहतर सीट मिलने की संभावना बनी रहती है। इसमें अभ्यर्थी अपनी वर्तमान आवंटित सीट को बनाए रखते हुए अगले चरण का इंतजार कर सकता है। बेहतर संस्थान या पसंदीदा ट्रेड मिलने की स्थिति में सीट में बदलाव हो सकता है। हालांकि अभ्यर्थियों को Float का विकल्प चुनने से पहले नियम और शर्तों को ध्यान से समझना चाहिए। मौजूदा सीट और अगले चरण में संभावित बदलाव से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर देखी जा सकती है। विकल्प चुनने के बाद आवंटन पत्र का प्रिंट निकालना भी जरूरी होगा। इसके बाद निर्धारित समय के भीतर संबंधित आईटीआई में पहुंचकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
Freeze और Float को ऐसे समझें
आईटीआई प्रवेश में Freeze और Float दोनों विकल्पों का अलग-अलग मतलब है।Freeze का विकल्प उन अभ्यर्थियों के लिए है जो मिली हुई सीट से संतुष्ट हैं। इस विकल्प को चुनने पर अभ्यर्थी अपनी आवंटित सीट को स्वीकार कर प्रवेश की ओर बढ़ता है। वहीं Float उन अभ्यर्थियों के लिए है जो आगे बेहतर सीट मिलने की उम्मीद रखते हैं। Float चुनने पर मौजूदा सीट को बनाए रखते हुए अगले चरण में अपग्रेड की संभावना रहती है। दोनों विकल्पों में से चुनाव अभ्यर्थी को अपनी पसंद और उपलब्ध सीट के आधार पर करना होगा। गलत विकल्प चुनने से बचने के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक निर्देश जरूर पढ़ने चाहिए। विकल्प चुनने के बाद आवंटन पत्र डाउनलोड कर संबंधित संस्थान में समय पर पहुंचना जरूरी है।
ये तारीखें जरूर कर लें नोट
यूपी आईटीआई प्रवेश 2026 की पहली चरण की चयन सूची 26 अगस्त 2026 को जारी की गई है। पहली सूची में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए 27 अगस्त से 4 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। इसी अवधि में अभ्यर्थियों को Freeze या Float विकल्प से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। संबंधित आईटीआई में पहुंचकर दस्तावेज सत्यापन भी निर्धारित समय के भीतर कराना होगा। अलग-अलग ट्रेड के अनुसार पाठ्यक्रम की अवधि 6 महीने, 1 साल और 2 साल हो सकती है। प्रवेश प्रक्रिया राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद और प्रशिक्षण एवं रोजगार निदेशालय के तहत संचालित की जा रही है। अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी सीट और प्रवेश से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। समय सीमा खत्म होने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करना अभ्यर्थियों के लिए बेहद जरूरी है।
6 महीने से 2 साल तक के कोर्स
यूपी आईटीआई में अलग-अलग ट्रेड के लिए पाठ्यक्रम की अवधि अलग-अलग निर्धारित की गई है। कुछ व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की अवधि 6 महीने रखी गई है। वहीं कई ट्रेड एक वर्ष की अवधि के हैं। कुछ तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की अवधि 2 वर्ष तक हो सकती है। अभ्यर्थी को आवंटित ट्रेड की अवधि की जानकारी अपने आवंटन विवरण से मिल सकती है। संस्थान और ट्रेड से जुड़ी पूरी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद देखी जा सकती है। प्रवेश लेने से पहले अभ्यर्थियों को अपने ट्रेड की अवधि और संस्थान की जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए। इससे आगे की पढ़ाई और प्रशिक्षण को लेकर अभ्यर्थियों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
समय सीमा का रखें खास ध्यान
पहली आवंटन सूची में सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए 4 सितंबर 2026 प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तारीख है। अभ्यर्थियों को आवंटन पत्र डाउनलोड करने में देरी नहीं करनी चाहिए। इसके साथ ही Freeze या Float विकल्प का चुनाव भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करना होगा। संबंधित आईटीआई में जाकर दस्तावेजों का सत्यापन कराना भी जरूरी है। अभ्यर्थी सभी मूल दस्तावेज और उनकी पर्याप्त प्रतियां पहले से तैयार रखें। अंतिम समय में संस्थान पहुंचने से दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश में परेशानी हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द संबंधित आईटीआई से संपर्क कर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है। अधिक जानकारी और किसी भी बदलाव के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल पर जारी निर्देश जरूर देखें।